गांधीनगर : अदाणी समूह के अध्यक्ष गौतम अदाणी ने बाइब्रेंट गुजरात सम्मेलन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘असाधरण दृष्टिकोण की अभूतपर्व अभिव्यक्ति’ बताते हुए बुधवार को कहा कि इसने में निवेशकों को आकर्षित करने लिए राज्यों के स्तर पर इस तरह के आयोजनों का एक आंदोलन शुरू किया और देश की आर्थिक प्रगति अद्वितीय रूप से तेज हुई। उन्होंने गुजरात में अगले पांच साल में अदाणी समूह की ओर से दो लाख करोड़ रुपये के निवेश की भी घोषणा की जिससे रोजगार के एक लाख नए अवसर पैदा होंगे।
यहां वाइब्रेंट गुजरात सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि इसकी देखा-देखी “हमारे सभी राज्य भारत के औद्योगिक परिदृश्य को मौलिक रूप से फिर से तैयार करने के लिए प्रतिस्पर्धा और सहयोग करते हुए आगे बढ़े।” उन्होंने इसके फायदे को गिनाते हुए कहा,“पिछले दशक के आंकड़े उल्लेखनीय हैं: 2014 के बाद से, भारत की जीडीपी 185 प्रतिशत, और प्रति व्यक्ति आय आश्चर्यजनक रूप से 165 प्रतिशत बढ़ी है। इस दशक के भू-राजनीतिक संघर्षों और महामारी की चुनौतियों को देखते हुए यह उपलब्धि अद्वितीय है।”
बंदरगाह, हवाई अड्डा, बिजली पारेषण ग्रिड, सीमेंट और खाद्य तेल जैसे आधारभूत महत्व के क्षेत्रों में काम करने वाले अदाणी समूह के मुखिया ने कहा,“माननीय प्रधानमंत्री , वाइब्रेंट गुजरात आपके असाधारण दृष्टिकोण की अद्भुत अभिव्यक्ति है। इसके साथ आप की विशिष्ट छाप, भव्य महत्वाकांक्षाएं, विशाल पैमाने पर काम करने के सपने, सावधानीपूर्वक संचालन की व्यवस्था और त्रुटिहीन कार्य- निष्पादन की शैली सबकुछ जुडा है।” यह सम्मेलन श्री मोदी से दो दशक पहले शुरू किया था जब वह गुजरात के मुख्यमंत्री थे।
अदाणी ने कहा,“वाइब्रेंट गुजरात ने एक राष्ट्रव्यापी आंदोलन को प्रज्वलित किया।” उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय मंच पर मोदी की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया और कहा कि ‘आप हमें (भारत) को वैश्विक मंचों पर आवाज उठाने वाले देश से उठाकर एक ऐसे स्थान पर पहुंचा दिया है जहां यह देश अब वैश्विक मंच सजा रहा है।” उन्होंने इसी संदर्भ में मोदी की पहल पर सोलर अलायंस प्लेटफ़ॉर्म की शुरुआत और जी20 प्लेटफ़ॉर्म को अधिक समावेशी विश्व व्यवस्था के लिए काम कर रहे मंच में के रूप में बदले जाने का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उनके नेतृत्व में ग्लोबल साउथ (दक्षिणी गोलार्ध के विकासशील और अल्पविकसित देशों को जी-20 में जोड़ना आधुनिक इतिहास में एक निर्णायक क्षण रहा है।”
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत भविष्य गढ रहा है। मोदी सरकार ने देश को दुनिया का सबसे तेजी से विकास करने वाला राष्ट्र बनने के लिए फिर से तैयार किया है, और उसे वसुदेव कुटुंबकम और विश्व गुरु के दोहरे दर्शन से प्रेरित वैश्विक सामाजिक चैंपियन के रूप में स्थापित किया है। सबसे अच्छा आना अभी बाकी है। विकसित भारत के निर्माण और 2047 तक भारत को पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाने के लिए भारत के युवाओं का उपयोग करने में आपकी दूरदर्शिता के साथ, आपने यह सुनिश्चित किया है कि आज का भारत कल के वैश्विक भविष्य को आकार देने के लिए तैयार है।
अदाणी ने गुजरात में अपने समूह के भारी भरकम निवेश का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दो वर्ष में एक बार होने वाले वाइब्रेंट गुजरात सम्मेलन में उन्होंने गुजरात में 2025 तक 55 हजार करोड़ रूपये के निवेश की घोषणा की थी और राज्य में अदाणी समूह का निवेश अब तक 50 हजार करोड़ रुपये से ऊपर पहुंच चुका है। इसी तरह राज्य में इस दौरान 25,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियों के हमारे लक्ष्य से काफी अधिक अवसर सृजित किऐ जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि अदाणी समूह गुजरात में अगले पांच साल में अदाणी समूह की ओर से दो लाख करोड़ रुपये के निवेश की भी घोषणा की जिससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के एक लाख नए अवसर पैदा होंगे।
उन्होंने कहा कि समूह कच्छ के खावड़ा में दुनिया के सबसे बड़े हरित ऊर्जा पार्क का निर्माण कर रहे है जो 725 वर्ग किलोमीटर में है और इसकी क्षमता 30 गीगावॉट (30 हजार मेगावाट) नवीकरणीय ऊर्जा पैदा करने की है। यह पार्क अंतरिक्ष से भी दिखाई देगा। उन्होंने कहा, ‘हम “आत्मनिर्भर” भारत के लिए हरित आपूर्ति श्रृंखला का विस्तार कर रहे हैं और सबसे बड़ा एकीकृत नवीकरणीय ऊर्जा पारिस्थितिकी तंत्र बना रहे हैं। इसमें सौर पैनल, पवन टर्बाइन, हाइड्रोजन इलेक्ट्रोलाइज़र, हरित अमोनिया, पीवीसी और तांबे और सीमेंट उत्पादन में विस्तार शामिल हैं। इस सम्मेलन का उद्घाटन प्रधानमंत्री मोदी ने किया।
