अयोध्या : राम की नगरी अयोध्या में कड़ाके की ठंड और बर्फीली हवाओं के बीच जिला प्रशासन ने गरीब और निराश्रितों के लिये रैन बसेरे और अलाव के व्यापक इंतजाम किये हैं। जिलाधिकारी नितीश कुमार ने शुक्रवार को बताया कि आश्रयहीन व्यक्तियों के लिए रेन बेसरों/शेल्टर होम विभिन्न स्थानों पर संचालित किए जा रहे हैं। ताकि कोई भी व्यक्ति रात में सडक़ या फुटपाथ पर सोने के लिए बाध्य न हो।
इन रैन बसेरों/शेल्टर होम में रुकने वाले लोगों को ठंड से बचने के लिए आवश्यक समस्त उपाय जैसे गद्दे, कंबल, स्वच्छ पेयजल, शौचालय एवं किचन आदि का प्रबंध निशुल्क एवं रैन बसेरों के आसपास अलाव जलाने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने जिले के समस्त उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका एवं नगर पंचायत को निर्देश दिए कि शीत लहर से बचाव के लिये समस्त सुविधाएं सभी रैन बसेरों में उपलब्ध रखें। इस कार्य में किसी भी प्रकार के लापरवाही व शिथिलता न बरती जाए।
जिलाधिकारी ने बताया कि ठंड एवं शीत लहरी से उत्पन्न होने वाली समस्याओं के दृष्टिगत निराश्रित एवं असहाय तथा कमजोर वर्ग के असुरक्षित व्यक्तियों को राहत पहुंचाने के लिये अब तक जिले में 4500 से अधिक कम्बलों का वितरण किया जा चुका है तथा वर्तमान में 256 स्थानों पर अलाव जलायें जा रहें हैं। इसी के साथ ही जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधकारियों एवं तहसीलदारों तथा नगर निकाय के अधिशासी अधिकारियों को निर्देशित किया है कि आवश्यकता अनुसार और अन्य स्थानों पर भी अलाव की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी व्यक्ति को ठंड से किसी भी प्रकार की समस्या न होने पाए।
उन्होने जिले में संचालित समस्त गौआश्रय स्थलों में गौ वंशों को ठंड से बचाव के पर्याप्त प्रबंध करने के निर्देश दिए। उन्होंने गौवंशो को ठंड से बचाव हेतु आवश्यकता अनुसार त्रिपाल /अलाव आदि की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिये सम्बंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिये। इसी के साथ ही जिलाधिकारी ने सभी आश्रय स्थलों में सभी गौवंशों हेतु ठंड से बचाव के समुचित प्रबंध करने के साथ गौवांशों के स्वास्थ्य का आवश्यकतानुसार परीक्षण करने तथा उनके चारे आदि की नियमित बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित कराने के भी निर्देश दिए हैं।
