नैनीताल : उत्तराखंड सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) की टीम ने ऊधमसिंह नगर के एक दारोगा को मंगलवार को 4000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी दारोगा को निलंबित कर दिया गया है। हल्द्वानी विजिलेंस को इस मामले में एक शिकायत मिली थी। शिकायतकर्ता की ओर से कहा गया कि वह केलाखेड़ा थाना के अंतर्गत गणेशपुर में मकान का निर्माण कर रहा है। उसने इसके लिये अपने पड़ोसियों से लाइट (बिजली) ली हुई है। बिजली विभाग के सहायक अभियंता ने उसके खिलाफ बिजली चोरी के आरोप में कैलाखेड़ा थाना में तहरीर सौंपी है।
आगे कहा गया कि केलाखेड़ा थाना में तैनात उपनिरीक्षक मोहन सिंह बोहरा मुकदमा दर्ज न करने के बदले में उससे 4000 रुपये रिश्वत की मांग कर रहा है। विजिलेंस की ओर से इस मामले की जांच करायी गयी और तथ्य सही पाये जाने पर एक ट्रैप टीम का गठन किया गया। ट्रैप टीम ने आरोपी उप निरीक्षक को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई अमल में लायी जा रही है।
विजिलेंस की निदेशक डा. वी. मुरूगेशन ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आगे भी कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने ट्रैप टीम को नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है। यहां बता दें कि हल्द्वानी विजिलेंस घूस लेने वाले सरकारी बाबुओं और अधिकारियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है और वह अभी तक कई भ्रष्टाचारियों को जेल की सलाखों के पीछे भेज चुकी है। इस बीच उधमसिंह नगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक टी सी मंजूनाथ ने उक्त आरोपी उप निरीक्षक को आज निलंबित कर दिया।
दारोगा घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
