भोपाल : अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) मानव अधिकार आयोग ब्रजभूषण शर्मा ने आज सहायक पुलिस महानिरीक्षक गणेश सिंह ठाकुर द्वारा लिखी गई खोज आधारित पुस्तक ”फिंगर प्रिंट- कुंडली अपराधों की” का विमोचन किया। पुलिस मुख्यालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार श्री ठाकुर ने बताया कि फिंगर प्रिन्ट और आपराधिक व्यक्तित्व पर आधारित इस तरह की कोई खोज इसके पूर्व कहीं पर भी नहीं की गई थी। अत्यंत सरल हिन्दी में लिखी इस पुस्तक को पढ़कर कोई भी व्यक्ति स्वयं का फिंगर प्रिन्ट ग्रुप पहचान कर सकता है तथा अपने को भविष्य में अपराधों की चपेट में आने से बचा सकता है।
श्री ठाकुर के द्वारा पिछले 7 सालों में 1 लाख 75 हजार अपराधियों के 17 लाख फिंगर प्रिन्ट की जांच कर यह सिद्ध किया गया है कि दुष्कर्मी और हत्यारों की अंगुलियों में एक विशेष प्रकार की रिज व्यवस्था पाई जाती है जो उन्हें ऐसे गंभीर अपराधों की ओर ढकेलती है। पूर्व में भी श्री ठाकुर द्वारा लिखी पुस्तक ‘अपराध की तह तक’ को केन्द्रीय गृहमंत्रालय के द्वारा पुरूस्कृत किया जा चुका है।
एडीजी ने किया फिंगर प्रिंट पुस्तक का विमोचन
