अगरतला : त्रिपुरा सरकार ने आगामी 16 फरवरी से सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के माध्यम से गोमती मिल्क यूनियन के चार डेयरी उत्पादों को रियायती कीमतों पर बेचने की घोषणा की है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुशांत चौधरी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दूध और मिठाइयों के अलावा, गोमती निर्मित आइसक्रीम, पनीर, दही और घी पिछले चार वर्षों से हर दिन शहर के दरवाजे पर बेचा जा रहा है। अब, राज्य सरकार ने पीडीएस में सीलबंद डेयरी वस्तुओं की वेंडिंग शुरू करने का फैसला किया है, जिनकी शेल्फ लाइफ थोड़ी लंबी है।
उन्होंने कहा, “शुरुआत में पायलट प्रोजेक्ट अगरतला की 15 राशन दुकानों में शुरू होगा और उपभोक्ताओं की प्रतिक्रिया को देखते हुए अधिक राशन दुकानों को योजना के तहत लाया जाएगा।” विभाग ने खुदरा मूल्य पर उत्पादों की बिक्री शुरू करने के लिए गोमती के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
श्री चौधरी ने कहा कि त्रिपुरा में दूध और दूध उत्पादों की खपत बहुत कम थी और 2018 में सत्ता में आने के तुरंत बाद भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार ने स्थानीय गुणवत्ता वाले डेयरी उत्पादों को सस्ती दर पर लोकप्रिय बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं।
उन्हाेंने कहा, “गोमती के डेयरी उत्पादों की सुबह बैटरी से चलने वाली ट्राइसिकल से शहर भर में वेंडिंग की शुरुआत कोविड महामारी के दौरान हुई और तीन वर्षों में उत्पादों की खपत कई गुना बढ़ गई।” उन्होंने उम्मीद जतायी कि पीडीएस में डेयरी उत्पादों की वेंडिंग से राज्य भर में गोमती उत्पादों को और बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अगले दो महीनों के लिए 13 रुपये प्रति किलोग्राम की निश्चित दर पर 9.76 लाख परिवारों को पाँच-पाँच किग्रा अतिरिक्त चावल वितरित करने का निर्णय लिया है। अतिरिक्त वितरण के लिए कुल 10 हजार मीट्रिक टन चावल आवंटित किये गये हैं। मंत्री ने कहा कि पीडीएस को हर इलाके में लाने के लिए विभाग 51 नई राशन दुकानें खोलेगा। उन्होंने कहा, “त्रिपुरा सरकार सभी के लिए पीडीएस के जरिये सरसों का तेल, मसाले और मसूर दाल की आपूर्ति रियायती दर पर कर रही है।”
त्रिपुरा पीडीएस में स्थानीय डेयरी उत्पाद बेचेगा
