गौरवशाली भारत

देश की उम्मीद ‎‎‎ ‎‎ ‎‎ ‎‎ ‎‎

अवैध रेल ई-टिकट बनाने वालों पर कार्रवाई

लगभग तीन लाख रुपए मूल्य की 137 ई-टिकट जब्त

भोपाल : रेल सुरक्षा बल भोपाल मंडल द्वारा अनाधिकृत रूप से रेल टिकट बनाने वालों के विरुद्ध ‘ऑपरेशन उपलब्ध’ अभियान के तहत कार्रवाई निरंतर जारी है। इसी कड़ी में भोपाल मण्डल की आरपीएफ द्वारा विभिन्न स्थानों में दविश देकर रेलवे ई-टिकेट का अवैध कारोबार करने वालों पर कार्रवाई की गयी।
भोपाल रेल मंडल द्वारा आज यहां जारी विज्ञप्ति के अनुसार संत हिरदारामनगर आरपीएफ पोस्ट को कल मंडल मुख्यालय भोपाल से प्रबल के माध्यम से प्राप्त आईडी के साथ तीन सस्पेक्टेड आइडियों के द्वारा रेल टिकिट का अवैध व्यापार करने के संबंध में रिपोर्ट प्राप्त हुई। इस संबंध में सहायक उपनिरीक्षक विजय सिंह मीना, प्रधान आरक्षक पुष्पेन्द्र सिंह जादौन, आरक्षक सजनेश कुमार यादव द्वारा उक्त आईडियों की जांच पड़ताल कर उन्हें खोजा और सम्पर्क कर पूछताछ की तो उक्त व्यक्तियों ने अपना नाम दीपक राय निवासी द्वारका नगर भोपाल, विशाल कुशवाह निवासी गंजबासौदा और पूछताछ के दौरान यह भी बताया कि आईआरसीटीसी से एजेंट आईडी उसकी स्वंय की आईडी है।
उसके पास अन्य तीन आईडिया है। जो उसके दोस्त विशाल कुशवाह के द्वारा उपयोग में लाई जाती है। उक्त तीनों आईडियों का उपयोग कर वह दोनों मिलकर अपने-अपने मोबाइल से अपनी और अपने परिवार के साथ-साथ अपने ग्राहको की भी टिकट बनाने का कार्य करते है। इसके बदले में उचित रेलवे किराये के अलावा प्रति टिकिट ग्राहक से 50-100 रूपया कमीशन के रूप में टिकिटों के निर्धारित मूल्य से अधिक लिया जाता है।
विशाल कुशवाह से उक्त आईडियों के संबंध में पूछताछ करने पर बताया कि समर्पण पब्लिक स्कूल, मंडी बामोरा में कम्पयूटर आपरेटर का कार्य करता है। स्टाफ की आईडी का उपयोग कर आईआरसीटसी की साइट से पर्सनल यूजर आईडी बनाई थी। उक्त दोनों को लेकर रेलवे सुरक्षा बल चौकी निशातपुरा लाया गया। दोनों के बयान दर्ज किए गए।
आरपीएफ द्वारा दोनों आरोपियों के कब्जे से 02 नग मोबाइल फोन एवं 02 लाइव टिकट कीमत 319.85 रुपए एवं तीनों आइडियों से बनाई गई कुल 135 नग उपयोग की हुई रेल ई टिकिट, कीमत 2,96,556 रुपए सहित कुल रेलवे ई टिकट 137 नग जिनका मूल्य 2,96,875.85 रूपए को जप्त किया गया। दोनों आरोपियों के विरू़द्ध रेल अधिनियम धारा 143 के तहत मामला पंजीकृत कर जांच में लिया गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *