जालंधर : पंजाब के जालंधर में पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुये लॉरेंस बिश्नोई गैंग के आठ सदस्यों को गिरफ्तार कर इनके पास से तीन पिस्तौल, 10 कारतूस, चार मैगजीन, एक मोटरसाइकिल, दो स्कूटर बरामद किये हैं।
पुलिस आयुक्त स्वपन शर्मा ने गुरुवार को कहा कि जालंधर कमिश्नरेट पुलिस ने जबरन वसूली, फिरौती, धमकी और अन्य आपराधिक गतिविधियों में शामिल लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के आठ बदमाशों को हथियारों के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस आयुक्त ने कहा कि 27 जनवरी, 2024 को कर्मा फैशन शोरूम के मालिक को एक जबरन वसूली कॉल मिली, जिसमें 50 लाख रुपये की मांग की गयी थी। उन्होंने कहा कि कमिश्नरेट पुलिस ने कार्रवाई करते हुये पीएस डिवीजन चार जालंधर में आईपीसी की धारा 387,34, 25-54-59 आर्म्स एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की और मामले की जांच शुरू कर दी।
श्री शर्मा ने कहा कि जांच के दौरान यह स्पष्ट हो गया कि गिरोह के सदस्यों ने योजनाबद्ध तरीके से उद्योगपतियों और व्यापारियों के बारे में जानकारी इकट्ठा की थी और इस जानकारी का उपयोग पैसे निकालने के लिये किया था। पुलिस आयुक्त ने कहा कि जांच के आधार पर पुलिस ने आठ गैंगस्टरों को गिरफ्तार किया, जिनकी पहचान संजय बावा पुत्र हरि मित्तल निवासी मोहल्ला करार खान जालंधर, दीपक कुमार उर्फ दीपक पुत्र महिंदर पाल निवासी रतन नगर गुलाब देवी रोड जालंधर, गजिंदर राजपुरात उर्फ गज्जू पुत्र शाम बिहारी निवासी न्यू शहीद बाबू लाभ सिंह नगर जालंधर, राधे पुत्र सोम पाल निवासी न्यू शहीद बाबू लाभ सिंह नगर जालंधर , अभिषेक गिल पुत्र राज कुमार निवासी गुरदेव नगर नजदीक हाउस ऑफ सोढ़ी परधान जालंधर, पप्पू पुत्र सोम पाल निवासी शहीद बाबू लाभ सिंह जालंधर, मनोज पुत्र जगदीश निवासी शहीद बाबू लाभ सिंह जालंधर और दीपक कुमार उर्फ दीपक पुत्र फूल चंद निवासी शहीद बाबू लाभ सिंह के तौर पर हुई है। उन्होंने बताया कि इन सभी गैंगस्टरों को धोबी घाट नजदीक टीवी टावर जालंधर से गिरफ्तार किया गया है और एक पिस्तौल 30 बोर 05 कारतूस के साथ, एक पिस्तौल 32 बोर पांच कारतूस के साथ, एक देसी कट्टा 315 बोर, चार मैगजीन, एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल और दो स्कूटर (एक्टिवा) ) उनसे बरामद किया गया है।
शर्मा ने कहा कि जांच के दौरान यह सामने आया कि इन गैंगस्टरों का संचालन राष्ट्रीय सीमाओं से परे तक फैला हुआ था, जिसमें वर्तमान में इंग्लैंड में रहने वाले सूरज के साथ संबंध थे। गिरोह की कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी देते हुये पुलिस आयुक्त ने कहा कि यह गिरोह लोगों से पैसे ऐंठने के लिये कॉल और पत्र भेजने में शामिल था। उन्होंने कहा कि जबरन वसूली कॉल के लिये इस्तेमाल किये गये अंतरराष्ट्रीय नंबर के बारे में विवरण प्राप्त करने पर जोर देने वाली जांच पहले से ही चल रही है। उन्होंने कहा कि अभी तक सभी आठ गैंगस्टरों की कोई आपराधिक पृष्ठभूमि का पता नहीं चला है, लेकिन विस्तृत जांच पहले से ही चल रही है।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग के आठ सदस्य गिरफ्तार
