जालंधर : पंजाब में जालंधर के पुलिस आयुक्त श्री स्वपन शर्मा ने शुक्रवार को कहा कि जालंधर कमिश्नरेट पुलिस ने सरकारी अधिकारी बनकर लोगों से पैसे ऐंठने वाले चार सदस्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया। पुलिस आयुक्त ने बताया कि चतर सिंह पुत्र कश्मीर सिंह निवासी गांव ढिलवां, जालंधर ने सन्नी महेंद्रू, अजय कुमार, मिष्टी और मनप्रीत सिंह के खिलाफ जबरन वसूली का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी।
उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि इन ठगों ने खुद को नगर निगम जालंधर का फील्ड अधिकारी बताया था और उसके निर्माणाधीन घर का दौरा किया था। श्री स्वपन शर्मा ने कहा कि इन धोखेबाजों ने चतर सिंह को बताया था कि इमारत के निर्माण के लिए कोई मंजूरी नहीं है और उन्होंने इसे ध्वस्त करने की धमकी भी दी थी।
पुलिस आयुक्त ने कहा कि उन्होंने तब इमारत मालिक से 10,000 रुपये की मांग की थी जिसके बाद उसने उन्हें 5000 रुपये का भुगतान किया था। हालांकि, उन्होंने कहा कि शुरुआती भुगतान के बाद इमारत के मालिक को धोखेबाजों के आचरण पर संदेह हुआ, जिसके कारण उन्होंने तुरंत ईआरएस टीम और पुलिस स्टेशन को बुलाया। श्री स्वपन शर्मा ने कहा कि पुलिस बल ने चार सदस्यीय गिरोह को तुरंत गिरफ्तार कर लिया, जिनकी पहचान मनप्रीत सिंह पुत्र तरलोचन सिंह निवासी अवतार नगर , सन्नी महिंदरू पुत्र नरिंदर महिंदरू निवासी न्यू बलदेव नगर किशनपुरा जालंधर, अजय कुमार पुत्र मोहन लाल निवासी छोटा अली मोहल्ला जालंधर और मिष्टी पुत्री सफीक निवासी मॉडल हाउस जालंधर के तौर पर हुई है। पुलिस ने उनसे ठगी के पांच हजार रूपए भी बरामद किए हैं।
पुलिस कमिश्नर ने कहा कि गिरोह का विभिन्न विभागीय कर्मचारियों की नकल करने का इतिहास रहा है। श्री स्वपन शर्मा ने कहा कि मामले की आगे की जांच जारी है और विवरण बाद में साझा किया जाएगा।
