श्रीनगर : जम्मू-कश्मीर के प्रमुख मौलवी एवं हुर्रियत कांफ्रेंस (उदारवादी गुट) के अध्यक्ष मीरवाइज उमर फारूक को जुम्मे की सामूहिक नमाज से पहले घर में नजरबंद कर दिया गया। श्रीनगर की भव्य एवं ऐतिहासिक जामिया मस्जिद के प्रबंध निकाय अंजुमन औकाफ ने इस आशय की पुष्टि की है।अंजुमन औकाफ ने एक बयान में कहा कि मीरवाइज को जामिया मस्जिद में शब-ए-मेहराज (चढ़ाई की रात) के अवसर पर एक विशेष उपदेश देना था, जैसा कि औकाफ ने घोषणा की थी।”
अंजुमन ने कहा,“आज मस्जिद में मीरवाइज का संबोधन सुनने और मण्डली में भाग लेने के लिए लोगों के एक बड़े जमावड़े की उम्मीद थी। लेकिन सुबह-सुबह पुलिस वाहनों की एक टुकड़ी उनके आवास के बाहर तैनात कर दी गई और उन्हें हिरासत में ले लिया गया।” अंजुमन ने मीरवाइज की बार-बार नजरबंदी की कड़ी निंदा की है, खासकर शुक्रवार को, जिससे उन्हें शुक्रवार को लोगों को संबोधित करने और अनिवार्य शुक्रवार की नमाज में भाग लेने के लिए जामिया मस्जिद जाने से रोक दिया जाता है।
मस्जिद के प्रबंध निकाय ने कहा कि पिछले साल सितंबर में नजरबंदी से रिहाई के बाद से मीरवाइज को केवल तीन शुक्रवार को शुक्रवार का संबोधन करने की अनुमति दी गई है।
पिछले महीने मीरवाइज को पहली बार नयी दिल्ली की यात्रा करने की अनुमति दी गई थी। अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 को निरस्त किए जाने से पहले ही उन्हें घर में नजरबंद कर दिया गया था। मीरवाइज ने अपनी दिल्ली यात्रा को ‘पूरी तरह से निजी और व्यक्तिगत’ बताया था।
जुम्मे की नमाज से पहले मीरवाइज नजरबंद
