बरसे आँसू गैस के गोले
चंडीगढ़ : न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) और अन्य मांगों को लेकर किसान संगठनों के ‘दिल्ली कूच’ आंदोलन के दूसरे दिन भी पंजाब-हरियाणा सीमा शंभू बैरियर पर किसान डटे रहे और पुलिस की तरफ से आँसू गैस का प्रयोग जारी रहा। मंगलवार देर शाम किसानों ने ‘सीजफायर’ के साथ सुबह फिर दिल्ली कूच की घोषणा की थी। आज प्रदर्शनकारियों ने हरियाणा पुलिस की ड्रोन से आँसू गैस गोले गिराने की काट पतंग उड़ाकर, गीले कपड़ों, मुंह ढंकने से लेकर आँसू गैस का गोला गिरते ही उसे बोरे अथवा कंबल की मदद से निरस्त करने के उपाय किए।
पुलिस ने सीमा को कान्क्रीट स्लैब, कीलों और बैरिकेड की मदद से सील किया हुआ है। कल किसानों के बैरिकेड तोड़े जाने के प्रयासों के बाद पुलिस ने अश्रु गैस, वाटर कैनन, रबड़ की गोलियों आदि का इस्तेमाल किया था। टकराव में प्रदर्शनकारियों ने 100 से ज्यादा किसानों के घायल होने का दावा किया, जिनमें से उनके अनुसार 3-4 को गंभीर चोटें आईं हैं। दूसरी तरफ पुलिस प्रवक्ता ने कहा कि प्रदर्शनकारियों के पथराव में 24 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।
हरियाणा पुलिस ने आज स्पष्ट किया कि किसान संगठनों द्वारा दिल्ली कूच के आवाहन के कारण प्रदेश के 15 जिलों में धारा-144 लगाई गई है और 64 कंपनियां पैरामिलिट्री फोर्स तथा 50 कंपनियां पुलिस की तैनात की गई हैं। पुलिस महानिदेशक ने लोगों से कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग की अपील की।
इसके अलावा यातायात ऐडवायजारी को दोहराया गया कि चंडीगढ़ से दिल्ली जाने वाले यात्री पंचकूला, बरवाला, दो सडका, बराड़ा, बबैन, लाडवा, पिपली, कुरूक्षेत्र के रास्ते अथवा पंचकूला, बरवाला, यमुनानगर(एनएच-344) , लाडवा, इंद्री, करनाल होते हुए दिल्ली पहुंचे। हिसार व सिरसा से चंडीगढ़ जाने वाले यात्री कैथल(152-डी),पेहवा से कुरुक्षेत्र होते हुए बबैन,बराड़ा,दो सदका,बरवाला होते हुए पंचकूला पहुंच सकते हैं। इसी प्रकार,रेवाड़ी, नारनौल,जींद से आने वाले यात्री कैथल से पेहवा,कुरुक्षेत्र,लाडवा, बबैन,बराड़ा,दो सडका से पंचकूला पहुंच सकते हैं। दिल्ली से चंडीगढ़ के लिए करनाल, इंद्री, लाडवा, यमुनानगर (एनएच-344), बरवाला, पंचकूला होते हुए अथवा करनाल, पिपली, लाडवा, बबैन, बराड़ा, दो सदका, बरवाला, पंचकूला होते हुए अपने गन्तव्य स्थान पर पहुँचे।
