चंडीगढ़ : दिल्ली कूच को लेकर किसानों और हरियाणा पुलिस के टकराव को लेकर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने वीरवार को कहा कि किसानों का तरीका आक्रामक है। यहाँ एक संवाददाता सम्मेलन में मीडियाकर्मियों के सवालों के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान ट्रैक्टर-ट्राली-जेसीबी, एक साल का राशन लेकर ऐसे जा रहे हैं जैसे कहीं आक्रमण करने जा रहे हों। उन्होंने कहा कि दिल्ली जाना या अपनी बात कहना उनका अधिकार है और इससे किसी को ऐतराज नहीं है लेकिन उन्हें पब्लिक ट्रांसपोर्ट जैसे ट्रेन, बस या अपने वाहन का इस्तेमाल करना चाहिये और छोटा डेलीगेशन लेकर जाना चाहिये, इस तरह हजारों की संख्या में कैसे जा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि जहां तक हरियाणा का सवाल है तो उन्हें अपने राज्य में कानून- व्यवस्था बनाये रखनी है और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पंजाब सरकार चाहती तो किसानों को रोक सकती थी लेकिन उन्होंने नहीं रोका। खट्टर ने कहा कि पिछली बार जब किसान दिल्ली गये थे तो हरियाणा ने एक साल तकलीफ झेली थी। पंजाब ने अभी तक ऐसा कुछ नहीं सहा, इसलिए वह किसानों को रोक नहीं रहे।
तेरह फरवरी से पंजाब से लगी शंभू और खनौरी सीमाओं पर हरियाणा पुलिस ने किसानों को रोकने के लिये सीमायें कान्क्रीट स्लैब, कीलों और बैरिकेड से सील करने के अलावा बड़ी मात्रा में आँसू गैस गोलों, रबड़ की गोलियों समेत बल प्रयोग किया है। इसमें किसान संगठनों के अनुसार लगभग 150 किसान घायल हुये हैं जिनमें से छह गंभीर घायल हुये हैं। काँग्रेस, आम आदमी पार्टी, शिरोमणि अकाली दल समेत राजनीतिक दलों ने इस “दमनात्मक” कार्रवाई की निंदा की है।
किसानों का तरीका आक्रामक: खट्टर
