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इटावा क्लब का कायाकल्प करने में जुटा जिला प्रशासन

इटावा : ‘इटावा क्लब’ को जिला प्रशासन ने नये लुक मे कायाकल्प का खाका तैयार किया है जिसे अंतिम रूप देने मे अफसरो की टीम जुटी हुई। जिला अधिकारी अवनीश राय ने सोमवार को यहां बताया कि अपर जिला अधिकारी अभिनव रंजन श्रीवास्तव की अगुवाई में गठित एक टीम ने इटावा क्लब की कायाकल्प का प्लान तैयार किया है।इस सिलसिले में इटावा क्लब के पदाधिकारी के बीच जिला प्रशासन के अधिकारियों की एक गहन बैठक सम्पन्न हो चुकी है। जिसमें इटावा क्लब के जनरल सेक्रेटरी और उपजिलाधिकारी विक्रम सिंह राघव भी शामिल हुए।
डीएम ने बताया कि जिला प्रशासन क्लब के फंड के जरिए इटावा क्लब का जीर्णोद्धार कराने की तैयारी है। इटावा क्लब में एक शानदार रेस्टोरेंट, जिम और खेलने की व्यवस्थाओं को व्यवस्थित कराया जाएगा। इटावा क्लब ने जिम भी बना हुआ है जिसकी मशीनें आदि भी खराब हैं। ऐसे में इसका उपयोग सिर्फ शादी समारोह के लिए ही किया जा पा रहा है। जिसके माध्यम से क्लब को सालाना लाखो रुपए का फायदा होता है।इन स्थितियों को देखते हुए इसका अब जीर्णोद्धार कराने का मन बनाया है।
एसडीएम विक्रम राघव ने बताया कि क्लब का जीर्णोद्धार कराया जाएगा। यहां इनडोर गेमों के साथ ही रेस्टोरेंट बनवाने के लिए भी प्रस्ताव बनाया गया है। प्रस्ताव पर स्वीकृति मिलने के बाद काम शुरू करा दिया जाएगा।
इटावा क्लब में शाम को कुछ गतिविधियां खेल, सांस्कृतिक व अन्य कार्यक्रमों की हों इसको लेकर एक कार्य योजना तैयार की जा रही है। अभी क्लब में बाहर बैठने के लिए कोई भी इंतजाम नहीं हैं लेकिन अब ऐसी कार्य योजना बनाई जा रही है कि जिसके जरिए अधिक से अधिक लोग इटावा क्लब का फायदा उठा सके। क्लब में आने वाले लोगों को कैसे बेहतर माहौल मिले इसके लिए खास इंतजाम किए जा रहे हैं।
इटावा क्लब अंग्रेजी हुकूमत के समय का बनाया हुआ स्थान है । यहां पर अंग्रेज कलेक्टर अपनी पत्नियों के साथ मौज मस्ती करने आते थे । उन दिनों भारतीय लोगों को इस क्लब में आने पर मनाही थी । अंग्रेज कलेक्टर ए.ओ. ह्यूम भारतीय क्रांतिकारियों से निपटने के लिए इसी मे अंग्रेज अफसरो की बैठको को बुलाया करते थे ।
इटावा क्लब में कोई भी सुरक्षा गार्ड नहीं रहता है जिसके कारण वहां पर आए दिन चोरी का खतरा बना रहता है । इसके साथ ही सफाई कर्मचारी भी क्लब के पास अपना नहीं है। जिससे सफाई को लेकर काफी परेशानियां बनी रहती हैं ।
हयूम ने इटावा मे गुलामी के दौर मे अग्रेजो के लिये एक प्रार्थना स्थल चर्च का निर्माण कराया।उसके पास ही इटावा क्लब की स्थापना इसलिये कराई ताकि बाहर से आने वाले मेहमानो को रूकवाया जा सके क्यो कि इससे पहले कोई दूसरा ऐसा स्थान नही था जहा पर मेहमानो को रूकवाया जा सके । सिंतबर 1944 को हुई जोरदार वारिस मे यह भवन धराशायी हो गया जिसे नंबवर 1946 मे 35 हजार रूपये खर्च करके पुननिर्मित कराया गया था।
इटावा में अपनी तैनाती के दौरान दौरान ह्यूम ने अपने नाम के अंग्रेजी शब्द के एचयूएमई के रूप में चार इमारतों का निर्माण कराया । 4 फरवरी 1856 को इटावा के कलक्टर के रूप मे ए.ओ.हयूम की तैनाती अग्रेज सरकार की ओर से की गई। हयूम की एक अग्रेज अफसर के तौर पर कलक्टर के रूप मे पहली तैनाती है ।
हयूम ने इटावा को एक बडा व्यापारिक केंद्र बनाने का निर्णय लेते हुये अपने ही नाम के उपनाम से हयूमगंज की स्थापना करके हाट बाजार खुलवाया जो आज बदलते समय मे होमगंज के रूप मे बडा व्यापारिक केंद्र बन गया है।
पर्यावरणीय संस्था सोसायटी फॉर कंजरवेशन ऑफ नेचर के महासचिव डॉ.राजीव चौहान कहना है कि एलन आक्टेवियन हयूम यानि ए.ओ.हयूम को पक्षियो से खासा प्रेम काफी रहा है । इटावा मे अपनी तैनाती के दौरान अपने आवास पर हयूम ने 165 से अधिक चिडियो का संकलन करके रखा था एक आवास की छत ढहने से सभी की मौत हो गई थी । इसके अलावा कलक्टर आवास मे ही बरगद का पेड पर 35 प्रजाति की चिडिया हमेशा बनी रहती थी । साइवेरियन क्रेन को भी हयूम ने सबसे पहले इटावा के उत्तर सीमा पर बसे सोंज बैंडलैंड मे देखे गये सारस क्रेन से भी लोगो को रूबर कराया था।

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