नई दिल्ली : गोवा के पर्यटन विभाग और मेकमाईट्रिप ने आज एक समझौता किया जिसका उद्देश्य गोवा में पर्यटन को इसके लोकप्रिय सूरज, रेत और समुद्र तटों से आगे बढ़ाते हुए एक जीवंत, साल भर चलने वाले गंतव्य के रूप में आगे बढ़ाना है।
रीजनरेटिव पर्यटन कार्यक्रम शुरू करने वाला गोवा भारत का पहला राज्य है। यह ज्ञापन समझौता आगे बढ़ने के लिए अगला कदम है, जो गोवा के अज्ञात अंदरूनी स्थल, इसकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और मनोरम पाक परंपरा को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से अभिनव पहलों की एक श्रृंखला की रूपरेखा तैयार करेगा।
गोवा के पर्यटन मंत्री रोहन खौंटे ने कहा, “गोवा बियॉन्ड बीचेज की हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता गोवा के कम लोकप्रिय स्थलों को सामने लाना, इसकी समृद्ध संस्कृति का जश्न मनाना, गोवा के भीतरी इलाकों तक पर्यटन को ले जाना और टिकाऊ एवं रीजनरेटिव पर्यटन प्रथाओं को सुनिश्चित करना है, जो आने वाली पीढि़यों के लिए हमारे प्राकृतिक संसाधनों को संरक्षित करेगा। मेकमाईट्रिप के साथ हमारी ये भागीदारी हमें पर्यटकों को गोवा के दिल और आत्मा से परिचित कराने में मदद करेगी, जिससे पर्यटन के आर्थिक लाभ को पूरे राज्य में समान रूप से वितरित करना सुनिश्चित किया जा सकेगा।”
कंपनी के सह संस्थापक एवं ग्रुप सीईओ राजेश मैगो ने कहा, “हम गोवा सरकार के साथ इस यात्रा को शुरू करने के लिए उत्साहित हैं। हमारा प्रयास गोवा के अनछुए पहलुओं को प्रदर्शित करने, गोवा के अंदरूनी हिस्सों में होमस्टे की पहुंच को बढ़ाने और सहयोगात्मक रूप से एक स्थायी पर्यटन ईकोसिस्टम का पोषण करना है। इस समझौता ज्ञापन के माध्यम से, हम सिर्फ पर्यटन को बढ़ावा नहीं देंगे, हम इसे अनुकूल, समावेशी और टिकाऊ बनाने का प्रयास करेंगे। यह एक ऐसे गोवा के निर्माण में योगदान देने के बारे में है, जो जितना स्थायी है उतना ही आकर्षक भी।”
गोवा सरकार और मेकमाईट्रिप की साझेदारी
