नई दिल्ली : रेल एवं मेट्रो के क्षेत्र में काम करने वाली बहुराष्ट्रीय कंपनी एल्सटॉम ने दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) के चौथे चरण के लिए विश्व स्तरीय मेट्रोपोलिस ट्रेनसेट का उत्पादन शुरू कर दिया है।
कंपनी आज यहां बताया कि नवंबर 2022 में दिए गए इस ऑर्डर के तहत 52 ट्रेन सेट की आपूर्ति करनी है, जिनमें से हर एक में छह कारें होंगी। यह परियोजना डीएमआरसी की तीन अलग-अलग लाइनों को भी पूरा करने के लिए बनायी गयी है। जिसमें दो मौजूदा लाइन नंबर 7 और लाइन नंबर 8 को बढ़ाना हैं, और नई गोल्ड लाइन नंबर 10 से एयरोसिटी को तुगलकाबाद से जोड़ना है। इस प्रकार से दिल्ली मेट्रो के नेटवर्क में कुल 64.67 किलोमीटर और जुड़ेगा। उत्पादन का शुभारंत दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन और एल्सटॉम इंडिया के नेतृत्व में एक समारोह में किया गया।
इस मौके पर डीएमआरसी के कॉर्पोरेट कम्युनिकेशंस के प्रिंसिपल एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, डॉ विकास कुमार और एल्सटॉम इंडिया के प्रबंध निदेशक ओलिवियर लोइसन ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि भारत के सबसे बड़े मेट्रो नेटवर्क के निरंतर विकास और विस्तार हो रहा है। एल्स्टॉम के मेट्रोपोलिस मेट्रोस का ट्रैक रिकॉर्ड बहुत अच्छा है। हमारा उद्देश्य यात्रियों को बेहतर से बेहतर सुविधा एवं सुखद अहसास देना है।
इस परियोजना की कुल लागत 312 मिलियन यूरो है, जिसमें 15 वर्ष के लिए नई लाइन के 13 ट्रेनसेट का रखरखाव भी शामिल है। लाइन नंबर 8 को बढ़ाने से मैजेंटा लाइन जनकपुरी पश्चिम से आर के आश्रम तक बढ़ जाएगी। और लाइन नंबर 7 को बढ़ाने से मौजपुर और मुकुंदपुर के बीच पिंक लाइन जुड़ जायेगी। इसी के साथ डीएमआरसी कनेक्टिविटी में और भी सुधार होगा। एल्सटॉम को दिल्ली एमआरटीएस चरण-4 मुकुंदपुर – मौजपुर (लाइन नंबर 7 विस्तार), और एयरोसिटी – तुगलकाबाद कॉरिडोर (लाइन नंबर10) के लिए ट्रेन कंट्रोल और सिग्नलिंग के लिए भी अनुबंध दिया गया है। ये लाइनें एल्सटॉम के स्केलेबल कम्युनिकेशंस बेस्ड ट्रेन कंट्रोल सॉल्यूशंस (सीबीटीसी) की सुविधा से लैस होंगी, जो इसके ऑटोमैटिक ट्रेन सुपरविजन (एटीएस) सिस्टम के साथ मिलकर काम करेंगी।
मेट्रोपोलिस ट्रेनें सबसे उन्नत अत्याधुनिक प्रदूषण मुक्त वाहन हैं, जिन्हें जीओए 4 ड्राइवर रहित फीचर के साथ 95 किमी प्रति घंटे की सुरक्षित गति और 85 किमी प्रति घंटे की परिचालन गति के लिए डिज़ाइन किया गया है। जो इसे दिल्ली के यात्रियों के लिए पर्यावरण के अनुकूल और आरामदायक मेट्रो सवारी बनाता है। इसकी डिज़ायन में भारत के राष्ट्रीय झण्डे तिरंगे से प्रेरित होकर, ट्रेनों के सैलून इंटीरियर के दरवाजे के खंभे में केसरिया, सफेद और हरे रंग का मिश्रण होगा। लाइन 10 के लिए ट्रेन के अगले हिस्से में मैटेलिक गोल्ड पेंट है, पहली बार एल्सटॉम ने भारत में मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए इस रंग को चुना है। ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत इन मेट्रोपोलिस ट्रेनों को पूरी तरह से भारत में डिजाइन किया गया है और इन्हें श्री सिटी (आंध्र प्रदेश) के विनिर्माण केन्द्र में बनाया जाएगा। जो भारत में एल्सटॉम की सबसे बड़ी शहरी रोलिंग स्टॉक विनिर्माण केन्द्र है, जहां प्रमुख घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय परियोजनाओं को पूरा किया जाता है।
उल्लेखनीय है कि बीते कुछ वर्षों में, एल्सटॉम ने 800 से भी ज़्यादा मेट्रो कारें बनाई हैं जो फिलहाल पूरे दिल्ली मेट्रो सिस्टम में इस्तेमाल की जा रही हैं जो एशिया की सबसे बड़ी रैपिड ट्रांजिट प्रणालियों में से एक है। एल्स्टॉम ने कई अन्य परियोजनाओं के लिए भी डीएमआरसी के साथ साझीदारी की है, जिसमें चरण 1, 2 और 3 के दौरान डीएमआरसी की रेड लाइन (एल-1), येलो लाइन (एल-2), ग्रीनलाइन (एल-5), वॉयलेट लाइन (एल-6), पिंक लाइन (एल-7) के लिए ट्रेन कन्ट्रोल और सिग्नलिंग का सफल कार्यान्वयन शामिल है।
एल्स्टॉम ने दिल्ली में चौथे चरण के लिए मेट्रो रेल निर्माण शुरू किया
