नई दिल्ली : राष्ट्रीय राजधानी में शुक्रवार को संस्कृति एवं पर्यटन मंत्रालय के सहयोग से तीन दिवसीय 13वां साहित्योत्सव जश्न-ए-अदब महोत्सव शुरू हुआ। इस वार्षिक सांस्कृतिक समारोह के पहले दिन लोकप्रिय सूफी गायिका सोनम कालरा ने मनमोहक प्रस्तुति दी और भोपाल से राजीव सिंह और उनके समूह की फक्कड़ गायकी दिन का मुख्य आकर्षण रही।
पद्मश्री रंजना गौहर और उनके छात्र कबीर की कविता पर शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुत करेंगे।
पद्मश्री से सम्मानित प्रो. अशोक चक्रधर, वसीम बरेलवी, फरहत एहसास, कुंवर रंजीत चौहान, शकील आजमी, अनस फैजी और जावेद मुशिरी समेत अन्य लोग मंच पर अपनी रचनाएं सुनाएंगे। इसके अलावा, डॉ. ममता जोशी पंजाबी-सूफ़ी गायन से दर्शकों का मन लुभायेगी।
इस कार्यक्रम के दौरान क़िस्साकार मनु सिकंदर ढींगरा की क़िस्सागोई ‘हीर वसीर शाह’ (मूल कहानी) का भी प्रदर्शन किया जाएगा। श्री अनिल शर्मा (एनएसडी) द्वारा निर्देशित और डॉ. दानिश इकबाल द्वारा लिखित एक प्रसिद्ध कॉमेडी नाटक एंटी-नेशनल ग़ालिब का भी आयोजन किया जाएगा।
पद्म भूषण पंडित साजन मिश्रा और पं. स्वरांश मिश्रा, पद्मश्री रंजना गौहर (शास्त्रीय नृत्यांगना), पद्मश्री उस्ताद गुलफाम अहमद खान (रबाब वादक) और ग्रैमी नॉमिनी उस्ताद शुजात खान (सितार वादक) कार्यक्रम का हिस्सा रहेंगे।
अभिनेता विनय पाठक, प्रकाश बेलावादी, फैज़ल मलिक, दुर्गेश कुमार, चंदन रॉय, श्रीकांत वर्मा भी विभिन्न सत्रों में भाग लेंगे।
साहित्योत्सव जश्न-ए-अदब कवि और संस्थापक कुँवर रंजीत चौहान ने कहा, “भारतीय कला और साहित्य हमारी जीवंत सांस्कृतिक विरासत की आत्मा हैं। हमने एक ऐसा मंच बनाने के लिए अपने प्रयास समर्पित किए हैं जो हमारे कुछ सर्वश्रेष्ठ कलाकारों और उनके अद्भुत प्रदर्शन का अनुभव करने का अवसर देता है। हमने भारतीय कला को उसके शुद्ध स्वरूप में प्रस्तुत करने का सचेत प्रयास किया है।”
उन्होंने कहा कि कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों दिल्ली, राजस्थान, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़ और जम्मू- कश्मीर में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होता आ रहा है। ये कार्यक्रम देश की विरासत का सार प्रस्तुत करते हैं, जो भारतीय कला, संस्कृति और साहित्य के रूप में जीवंत है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य हिन्दुस्तानी कला, संस्कृति और साहित्य को बढ़ावा देना है।
राजधानी में 13वां साहित्योत्सव जश्न-ए-अदब महोत्सव शुरू
