बेंगलुरु : बसवराज बोम्मई ने कांग्रेस सांसद सैयद नसीर हुसैन के समर्थकों द्वारा पाकिस्तान समर्थक नारे लगाये जाने की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) से जांच की मांग की। बोम्मई ने कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत से राज्य में कांग्रेस सरकार को यह कहते हुए बर्खास्त करने की भी मांग की, कि यह संविधान के अनुसार काम नहीं कर रही है और राष्ट्र विरोधियों को संरक्षण दे रही है। सरकार को बर्खास्त करने की मांग को लेकर राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस नैतिक रूप से दिवालिया हो गई है और मुख्यमंत्री सिद्दारमैया सरकार का बजट सच्चाई से बहुत दूर है।
उन्होंने कहा कि अब पाकिस्तान समर्थक नारे लगाने वालों का बचाव करने से वे और भी बेनकाब हो गए हैं।
बोम्मई ने कहा, “कांग्रेस ऐसा काम कर रही है , जो लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा है। विधान सौध में नारा लगाया गया था, इसलिए देश की सुरक्षा खतरे में है। कांग्रेस नेताओं को लगता है कि राज्य विधानमंडल का संयुक्त सत्र समाप्त होने के बाद से हर कोई इस घटना को भूल जाएगा, लेकिन कर्नाटक के लोग नहीं भूलेंगे। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) आंदोलन जारी रखेगी। अगर मौजूदा सरकार पाकिस्तान के साथ खड़ी है, तो उसे बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। बेहतर होगा कि वर्तमान सरकार जितनी जल्दी हो सके चली जाए।”
श्री बोम्मई ने कहा कि दृश्य मीडिया ने स्पष्ट रूप से पाकिस्तान समर्थक नारे लगाते हुए दिखाया लेकिन सरकार एफएसएल रिपोर्ट की कहानी बताकर लोगों को गुमराह कर रही है। इससे पता चलता है कि सरकार इस घटना को दबाने की कोशिश कर रही है। अब तक एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है, लेकिन इस संबंध में किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है।
पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाने की एनआईए जांच हो
