लखनऊ : उत्तर प्रदेश में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने कहा है कि पिछले साल मार्च में सांकेतिक आन्दोलन के दौरान बिजलीकर्मियों पर की गयी उत्पीड़नात्मक कार्यवाही ऊर्जा मंत्री के निर्देश के बावजूद वापस न लिये जाने से कर्मचारी आक्रोशित हैं और वह इस सिलसिले में सात मार्च को ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा से मिलेंगे।
संघर्ष समिति ने इस बावत श्री शर्मा को आज प्रेषित एक पत्र के माध्यम से यह मांग की है कि वे प्रभावी हस्तक्षेप करें जिससे उनके द्वारा दिये गये निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित हो सके एवं समस्त उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियाँ वापस हो सके।
प्रेषित पत्र में ऊर्जा मंत्री को याद दिलाया गया है कि उनके द्वारा 19 मार्च 2023 को जल निगम के फील्ड हॉस्टल संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस और ट्वीट कर उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियां वापस लेने की घोषणा की गयी थी जिसके बाद ही संघर्ष समिति ने समय पूर्व हड़ताल वापस ली थी।
संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि बिजली कर्मी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार प्रदेश की बिजली व्यवस्था के सुधार में निरन्तर प्रयासरत है। ऐसे में ऊर्जा मंत्री को अपने द्वारा दिये गये निर्देशों का अनुपालन कराया जाना सुनिश्चित करना चाहिए जिससे कि बिजलीकर्मी पूरी निष्ठा से निर्बाध विद्युत आपूर्ति के कार्यों में जुटे रह सके।
सात मार्च को ऊर्जा मंत्री से मिलेंगे बिजलीकर्मी
