कैबिनेट मंत्रियों को मिली शक्ति
शिमला : हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों (ग्रुप-सी व ग्रुप-डी) के सामान्य तबादलों से प्रतिबंध हटा दिया गया है। दो मार्च से 31 मार्च तक इस श्रेणी के कर्मचारियों के तबादले हो सकेंगे। इस सम्बंध में शुक्रवार को कार्मिक विभाग ने आदेश जारी किया है।
अधिसूचना के मुताबिक इन तबादलों को करने के लिए विभागीय मंत्री अधिकृत होंगे, हालांकि शॉर्ट स्टे और शॉर्ट डिस्टैंस में तबादले करवाने के लिए मुख्यमंत्री की अनुमति लेना अनिवार्य होगा। किसी भी कर्मचारी का एक स्थान पर स्टे तीन वर्ष का रहता है। लेकिन दो वर्ष के अंतराल के बाद ऐसे तबादले करवाए जा सकेंगे। तबादलों को करते समय यह भी ध्यान रखना होगा कि किसी भी काडर के कर्मचारियों के तीन फीसदी से अधिक तबादले नहीं होंगे। कर्मचारी तबादले के लिए स्वयं भी विभाग प्रमुख को आवेदन कर सकेंगे।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले राज्य सरकार ने बीते वर्ष 21 नवंबर से सरकारी कर्मचारियों-अधिकारियों के तबादलों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया था। गत 21 नवंबर के बाद सिर्फ वही तबादला आदेश जारी हो रहे थे, जो तबादलों के गाइडिंग प्रिंसिपल के पैरा 8 के तहत मान्य थे। इसमें सिर्फ प्रशासनिक जरूरत या इमरजेंसी में ही ट्रांसफर आर्डर होते हैं। इससे पहले भी मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कैबिनेट मंत्रियों को अपने विभागों में ग्रुप सी और ग्रुप डी के तबादले करने के अधिकार दे रखे थे।
