भुवनेश्वर : एम्स भुवनेश्वर को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की ओर से प्रतिष्ठित एशिया सेफ सर्जिकल इंप्लांट कंसोर्टियम क्यूआईपी अवार्ड 2023 से सम्मानित किया गया है। एम्स, भुवनेश्वर ने गुरुवार को एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि संस्थान को अस्पताल में उपकरणों एवं प्रत्यारोपण पुनर्प्रसंस्करण की गुणवत्ता पर उल्लेखनीय कार्य के लिए यह विशिष्ट पुरस्कार मिला है।
इस कार्यक्रम में पूरे एशिया से 28 प्रतिष्ठित अस्पतालों ने भाग लिया और एम्स भुवनेश्वर सर्वश्रेष्ठ अस्पताल बनकर उभरा। पुरस्कार कार्यक्रम की शुरुआत के बाद से पहली बार भारत के किसी अस्पताल ने इसमें पहला स्थान हासिल किया है। 3एम इंडिया इस कार्यक्रम का पार्टनर था, जिसने भारत के साथ-साथ विभिन्न देशों में इसके कार्यान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी।
एम्स भुवनेश्वर के कार्यकारी निदेशक, डॉ. आशुतोष विश्वास और संस्थान के कर्मचारियों ने प्रमुख क्लिनिकल विशेषज्ञ उज्ज्वला पॉल, क्षेत्रीय क्लिनिकल विशेषज्ञ पूजा पाल और 3एम इंडिया के अन्य सदस्यों की उपस्थिति में सामूहिक रूप से पुरस्कार ग्रहण किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य अस्पताल के केंद्रीय स्टेराइल सेवा विभाग (सीएसएसडी) में विभिन्न उपकरणों एवं प्रत्यारोपण पुनर्प्रसंस्करण के लिए गुणवत्ता के उच्चतम मानकों को स्थापित करना और उनकी निगरानी करना था।
गौरतलब है कि एम्स भुवनेश्वर की सीएसएसडी इकाई में प्रतिदिन लगभग 2,500 पैकेट संसाधित किए जाते हैं। ऑटोक्लेविंग, प्लाज्मा तकनीक और ईटीओ (एथिलीन ऑक्साइड) तकनीकों के माध्यम से स्टेरिलाइजेशन (जीवाणुनाशन) किया जाता है और इसे तीनों माध्यमों यानी भौतिक, रासायनिक और जैविक संकेतकों द्वारा मान्य किया जाता है। सीएसएसडी इकाई सर्जिकल सुरक्षा और अस्पताल से प्राप्त संक्रमण की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। डॉ. विश्वास ने कहा,“ यह पुरस्कार हमें रोगी सुरक्षा के मानकों को बनाये रखने के लिए प्रोत्साहित करेगा।”
एम्स, भुवनेश्वर को मिला डब्ल्यूएचओ से पुरस्कार
