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सुभासपा नेत्री का हत्यारोपी गिरफ्तार

संतकबीरनगर : उत्तर प्रदेश में संतकबीरनगर जिले के खलीलाबाद कोतवाली क्षेत्र में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) महिला मंच की प्रदेश महासचिव नंदिनी राजभर की हत्या के आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि ग्राम डीघा में पिछली 10 मार्च को दिनदहाड़े नंदिनी राजभर की हत्या कर दी गयी थी। पुलिस ने वारदात का खुलासा करते हुए पुलिस ने एक अभियुक्त साहुल राजभर को गिरफ्तार किया है और उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त हथौड़ी आदि बरामद किया है।
पुलिस अधीक्षक सत्यजीत गुप्ता ने गुरुवार को बताया कि नंदिनी राजभर की हत्या की घटना के बाद संदेह के आधार पर मृतका के परिजन द्वारा दी गई तहरीर में नामजद किए गए पांच आरोपियों में से एक पहले ही कथित जमीन संबंधी मामले में आत्महत्या के दुष्प्रेरण के आरोप में जेल में था तथा तीन अन्य को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया गया था। एक अभियुक्त फरार चल रहा था। यह त्वरित कार्रवाई इसलिए की गई कि तत्काल पुलिस के पास कोई प्रारंभिक जानकारी नहीं थी।
इस बीच नंदिनी राजभर की हत्या की घटना की जांच में जुटी खलीलाबाद कोतवाली पुलिस और एसओजी टीम को घटना के पीछे कुछ अन्य कारणों का पता चला और पुलिस टीम उस दिशा में जांच में जुटी तो कड़ी से कड़ी जुड़ने लगी। पुलिस टीम ने पूरी सतर्कता सें कई लोगों से पूछताछ की और पुख्ता सुराग मिलने पर अभियुक्त साहुल राजभर तक पहुंच गई। साहुल की गिरफ्तारी के साथ ही घटना का खुलासा हो गया।
एसपी ने बताया कि पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्त साहुल राजभर ने बताया कि ग्राम डीघा थाना कोतवाली खलीलाबाद के तेनू राजभर से उसकी बड़ी बहन ममता की शादी हुई है। लगभग एक साल पहले वह अपने बहनोई तेनू राजभर के घर में रहकर मेडिकल स्टोर चलाता था। डीघा गांव की नंदिनी राजभर भी उससे दवा ले जाती थी जिससे उसकी जान-पहचान हुई फिर प्रेम संबंध हो गया। नंदिनी को बस्ती जनपद में बुलाकर एक अदद सैमसंग का मोबाइल फोन दिया तथा कई बार में नंदिनी को कुल 26 हजार रूपये भी दिया था। इसके बावजूद कुछ दिनों से नंदिनी का व्यवहार बदल गया था और उससे बातचीत नहीं कर रही थी। जब भी फोन मिलाता था तो बात करने से बचती थी और अनदेखी कर रही थी। इस बात को लेकर दोनों में वाद-विवाद होने लगा था।
पूछताछ में अभियुक्त ने बताया कि उसने 10 मार्च को अपना मोबाइल व 26 हजार रूपये वापस करने को कहा तो वह देने से इनकार करने लगी तथा जेल भेजवाने की धमकी देने लगी। इस बात को लेकर उससे बहस हुई थी। इसी से नाराज उसने हथौड़ी से नंदिनी के सिर पर कई बार वार किया। जब इत्मीनान हो गया कि वह मर चुकी है तब वह अपने बहनोई के घर गया। वहां पर मैंने अपना शर्ट बदलकर टी-शर्ट पहन लिया और हथौड़ी को पैंट की जेब में रखकर उसे टी-शर्ट से छिपाकर मेंहदावल बाईपास होते हुए पैदल आया और नंदिनी की मोबाइल से सिम निकाल कर उसे बाईपास के के पास तोड़कर फेंक दिया तथा हथौड़ी को अग्रवाल नेत्रालय के आगे नहर में फेंक दिया।

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