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मशीनों के बीच संचार के लिए लगे-लगाए सिम के बारे में ट्राई की सिफारिशों

नई दिल्ली : भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) की सिफारिशों के अनुसार मशीनों के बीच परस्पर संचार के लिए आयातित उपकरणों में लगे-लगाए अंतरराष्ट्रीय रोमिंग वाले सिम कार्ड को एक निश्चित समय के अंदर नए तरीके से भारतीय दूरसंचार सेवा प्रदाताओं की दूरसंचार संचार संबंधी पहचान के साथ समन्वित कराना जरूरी होगा।
दूरसंचार मंत्रालय की मंगलवार को जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार ट्राई ने एम2एम संचार के लिए एंबेडेड सिम के उपयोग’ पर सिफारिशें आज जारी की। विज्ञप्ति में कहा गया है कि भारत में 5जी दूरसंचार नेटवर्क सेवाएं शुरू होने के साथ एम2एम संचार सुविधाओं का तेजी से विस्तार होने की संभावना है।
ट्राई की सिफारिश है कि भारत में अंतरराष्ट्रीय रोमिंग पर एक आयातित उपकरण में लगे किसी भी एम2एम ई-सिम की पूरी पहचान को उसकी अंतरराष्ट्रीय रोमिंग शुरू होने की तारीख से छह महीने के अंदर बदल कर भारतीय दूरसंचार सेवा प्रदाताओं या एक्सेस सेवा प्रदाताओं की संचार संबंधी पहचान के साथ जोड़नी होगी।
इसके साथ ही ऐसे सिम के संदेशों के निर्वाध प्रवाह के लिए ग्राक-प्रबंधन-सुरक्षित-संचार मार्ग (एसएम-एसआर) के स्वामित्व और प्रबंधन की अनुमति भी भारतीय दूरसंचार सेवा प्रदाता को दी जानी चाहिए। ट्राई के अनुसार ऐसे उपकरणों में दूरसंचार सेवा की प्रोफाइल की स्थापना के लिए उपकरण की मूल विनिर्माता कंपनी और एम2एम सेवा प्रदाता को ग्राहक प्रबंधन-डेटा तैयारी (एसएम) से प्रोफाइल डाउनलोड के बीच चयन करने की छूट दी जानी चाहिए।
दूरसंचार विभाग ने 09 नवंबर 2021 में एम2एम संचार के लिए एम्बेडेड सिम के उपयोग पर ट्राई अधिनियम, 1997 के तहत ट्राई की सिफारिशें मांगीं। ट्राई ने इस संबंध में हितधारकों से टिप्पणियां/प्रतिटिप्पणियां मांगने के लिए 25 जुलाई 2022 को एक परामर्श पत्र जारी किया। जवाब में, 15 हितधारकों ने अपनी टिप्पणियां प्रस्तुत कीं। परामर्श पत्र पर एक खुली चर्चा 14 दिसंबर 2022 को वर्चुअल मोड के माध्यम से आयोजित की गई थी।
बयान में कहा गया है कि देश में 5जी सेवाओं के शुरू होने के साथ, एम2एम पारिस्थितिकी तंत्र के अवसरों में काफी विस्तार हुआ है, जिससे कृषि, परिवहन, स्वास्थ्य देखभाल और औद्योगिक स्वचालन जैसे अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों में अनुप्रयोगों के लिए गुंजाइश बढ़ गई है।
दूरसंचार मंत्रालय का कहना है कि इन सिफारिशों का उद्देश्य भारत में एम2एम एम्बेडेड सिम (ई-सिम) के नियामक परिदृश्य को सुव्यवस्थित करना है। इन सिफारिशों के माध्यम से, प्राधिकरण ने अपने ग्राहक को उचित रूप से जानें (केवाईसी) के माध्यम से सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया है, जो नेटवर्क सुरक्षा सुनिश्चित करने, धोखाधड़ी के जोखिमों को कम करने और एम2एम ईसिन के पारिस्थितिकी तंत्र की समग्र सुरक्षा को मजबूत करने के लिए आवश्यक है।

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