श्रीनगर : जम्मू कश्मीर की अनंतनाग-राजौरी लोकसभा सीट से पार्टी का उम्मीदवार बनाए जाने के एक दिन बाद पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने सोमवार को कहा कि केंद्र सरकार उन्हें संसद से बाहर रखना चाहती है।
पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती ने अनंतनाग के बिजबेहरा में स्थित अपने पिता और पार्टी के संस्थापक मुफ्ती मोहम्मद सईद की कब्र पर जाने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि जब जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा 2019 में खत्म किये जाने के बाद पीडीपी केंद्र के लिए सबसे बड़ा लक्ष्य रही है।
सुश्री मुफ्ती ने बिना किसी का नाम लिए कहा,“वर्ष 2019 के बाद अगर किसी पार्टी को निशाना बनाया गया है तो वह पीडीपी है। पार्टी टूट गई और हमारे नेताओं को लालच दिया गया तथा कुछ को पार्टी छोड़ने के लिए ब्लैकमेल किया गया। मैंने 2019 से दमन के खिलाफ आवाज उठाने की कोशिश की और मेरे परिवार के सदस्यों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ा। पर, मैं अपनी बात पर अड़ी रही। इसलिए वे सोचते हैं कि अगर मेरी आवाज संसद तक पहुंच गई, तो उन्हें संसद में समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।”
पीडीपी प्रमुख ने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख की वास्तविक स्थिति सामने आ जाएगी तथा यहां सामान्य स्थिति का ढोल पीटने की उनकी पोल खुल जाएगी। उन्होंने कहा, “इसलिए वे मुझे संसद से बाहर रखने के लिए हर संभव प्रयास करना चाहते हैं।” उन्होंने हालांकि, कहा कि लोग उनकी आशा हैं।
उन्होंने कहा,“लोग या तो दक्षिण कश्मीर में रहते हैं या पीर पंचाल से हैं जहां आतंकवाद के दौरान जब लोग मुसीबत में थे, तब मैंने लोगों की आकांक्षाओं को सुनने के लिए इन सभी वर्षों के दौरान बमुश्किल कोई गांव और क्षेत्र छोड़ा है।”
सुश्री मुफ्ती ने कहा,“मैंने अपनी ओर से प्रयास किए, भले ही मैं लोगों के दमन के खिलाफ आवाज उठाने के लिए एक मजबूत इंसान नहीं हूं। मुझे लगता है कि जम्मू-कश्मीर के लोग, अनंतनाग के लोग और राजौरी में रहने वाले लोग मेरे शब्दों की प्रशंसा करेंगे तथा संसद में मुझे वोट देने के लिए मेरी आवाज को ताकत देंगे।”
यह पूछे जाने पर कि अनंतनाग-राजौरी सीट से पूर्व केंद्रीय मंत्री गुलाम नबी आजाद भी चुनाव लड़ रहे हैं, मुकाबला कैसा होगा, सुश्री मुफ्ती ने कहा,“लोकतंत्र में कोई भी किसी से मुकाबला कर सकता है। आप किसी को नहीं रोक सकते।”
जम्मू संभाग के जानीपुर इलाके में एक आदिवासी लड़की के साथ कथित उत्पीड़न और उसके परिवार की पिटाई की घटना का जिक्र करते हुए सुश्री मुफ्ती ने कहा कि पुलिस ने एफआईआर भी दर्ज नहीं की बल्कि पुलिस उनके ही खिलाफ एफआईआर जारी कर रही है।
केंद्र मुझे संसद में नहीं देखना चाहता
