ईटानगर : अरुणाचल प्रदेश में आगामी चुनावों में धन और बाहुबल के दुरुपयोग को रोकने के लिए विभिन्न समुदाय-आधारित संगठनों (सीबीओ) का एक समूह अरुणाचल इंडिजिनस ट्राइब्स फोरम (एआईटीएफ) ने “स्वच्छ चुनाव अभियान” शुरू किया है।
एआईटीएफ ने कहा कि हाल ही में आयोजित आम सम्मेलन के दौरान 26 प्रमुख जनजातियों का प्रतिनिधित्व करने वाले सभी संघीय सीबीओ को अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में स्वच्छ चुनाव मिशन को आगे बढ़ाने का काम सौंपा गया है।
इसके अलावा, उन्हें यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि “वोट के लिए कोई नकदी नहीं, कोई धन/बाहुबल नहीं, कमजोर लोगों को कोई धमकी नहीं, कोई आध्यात्मिक आह्वान नहीं, कोई परितोषण नहीं, सत्ता और अधिकार का लालच नहीं और चुनाव के बाद कोई धमकी नहीं दी जानी चाहिये।”
एआईटीएफ ने 19 अप्रैल को होने वाले मतदान के दौरान शांति, प्रगति और समृद्धि के लिए सही उम्मीदवारों को चुनने के लिए राज्यवासियों को शुभकामनाएं दीं। कुछ इलाकों में हालांकि चुनाव संबंधी हिंसक झड़पों पर अपना रोष व्यक्त करते हुये एआईटीएफ ने कहा कि अप्रिय घटनाओं को रोकने के लिए कानून लागू करने वाली तंत्रा को हमेशा सतर्क रहना चाहिए।
एआईटीएफ ने अपील की है कि लोकतंत्र का यह महापर्व समग्र शांति और सुरक्षा के साथ शानदार सफलता के साथ संपन्न होना चाहिये। भारतीय जनता पार्टी के 10 विधायक पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं। राज्य में 19 अप्रैल को होने वाले पहले चरण के मतदान में 11वीं राज्य विधानसभा के 60 में से 50 सदस्यों और 18वीं लोकसभा के दो उम्मीवादवारों के भाग्य का फैसला जनता के हाथ में है। राज्य की जनता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर राज्य विधानसभा के सदस्यों और लोकसभा के दो उम्मीदवारों का फैसला करेगी।
अरुणाचल में एआईटीएफ ने शुरू किया ‘स्वच्छ चुनाव अभियान’
