पुरी : आध्यात्मिकता और पर्यटन के लिए विश्व भर में मशहूर ओडिशा में पुरी के राजनीतिक इतिहास में एक दिलचस्प तथ्य है कि यहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) यहां भगवान जगन्नाथ की कृपा से आज तक वंचित है और उसे लोकसभा के किसी भी चुनाव में जीत का आर्शीवाद नहीं मिला।
वर्ष 1977 के लोकसभा चुनाव के दौरान पूरे देश में चली आपातकाल विरोधी लहर में सर्वाधिक स्थानों पर जनता पार्टी ने फतह हासिल की , लेकिन पुरी संसदीय क्षेत्र में परिणाम जनता दल के पक्ष में गया। ऐसा ही जबरदस्त माहौल 2004 के चुनाव में मोदी लहर के रूप में सामने आया और तब भी भाजपा जीत से महरुम रही और बीजू जनता दल(बीजद) के सर जीत का सेहरा बंधा।
भगवान जगन्नाथ की नगरी के रूप मे विख्यात पुरी कांग्रेस का गढ़ रहा है, हालांकि पिछले 25 साल से यहां बीजद की बादशाहत है। गत तीन आम चुनावों में बीजद की जीत का परचम लहरा रहे श्री पिनाकी मिश्रा यहां जीत की हैट्रिक जमा चुके हैं।
नब्बे फीसदी हिन्दू बाहुल्य पुरी में ब्राह्मण मतदाताओं की संख्या सर्वाधिक है और भाजपा ने सामुदायिक समीकरण और रणनीति के तहत इस बार भी अपने प्रवक्ता संबित पात्रा को पुरी की चुनावी रणभूमि में उतारा है। पार्टी प्रवक्ता के रूप में टीवी चैनलों में बहस और परिचर्चा के दौरान तर्क-वितर्क और कभी शिष्टता एवं मर्यादा से भी परे धाराप्रवाह बोलने की वजह से बहुत बार विवाद का बने श्री पात्रा 2019 के आम चुनावों के दौरान पुरी में चुनाव यात्रा बनाम भोजन यात्रा के जरिए आकर्षण का केंद्र थे तथा चुनाव प्रचार के दौरान कभी किसी पिछड़े दलित के घर चले जाने और उनके यहां भोजन करने से भी गुरेज नहीं किया था। इसके बावजूद वह बीजद के श्री पिनाकी मिश्रा के हाथों बुरी तरह पराजित हुए थे।
वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव मे पुरी सीट पर एक तरफ भाजपा ने अपने प्रवक्ता संबित पात्रा को दोहराया है वहीं बीजद ने अपनी चुनावी व्यूह और रणनीति में बदलाव करते हुए पूर्व आईपीएस अधिकारी अरूप पटनायक को अपना उम्मीदवार बनाया है। मूलतः ओडिशा के पुरी जिले के डेलांगा निवासी और 1979 बैच के अधिकारी रहे श्री पटनायक सेवानिवृत्ति के बाद बीजद में शामिल हो गये थे।
श्री पटनायक की उम्मीदवारी स्थानीय नेताओं के लिए कम विस्मयपूर्ण नही रही। किसी को तनिक भी उम्मीद नहीं थी कि 2009 , 2014 औँर 2019 के आम चुनाव में जीत की हैट्रिक बनाने वाले पिनाकी मिश्रा को इस बार संभावित चौकड़ी बनाने से वंचित कर दिया जायेगा , लेकिन ओडिशा की राजनीति के चाणक्य माने जाने वाले बीजद सुप्रीमो एवं मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने नये राजनीतिक दांव-पेंच का प्रयोग करते हुए सबको चौंका दिया है। दूसरी तरफ कांग्रेस ने इस दफा पुरी सीट से महिला उम्मीदवारी को तरजीह देते हुए श्रीमती सुचरिता मोहंती को अपना प्रत्याशी बनाया है।
पुरी स्थित ‘ गोल्डन बीच ‘ समुद्र की विशाल बलखाती लहरों में मस्ती की हिलोरें मारने के यहां पहुंचने वाले पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र ‘ है। हाल ही में पुरी के पर्यटन टूर पर आये इस संवाददाता ने चुनाव के परिप्रेक्ष्य में यहां के माहौल को समझने और लोगों के विचार एवं प्रतिबद्धताओं को टटोलने की कोशिश की। यहां गोल्डन बीच के समीप एक होटल के प्रबंधक विप्लव मुखर्जी ने बातचीत के दौरान कहा कि पुरी की अर्थ-व्यवस्था मुख्यतः पर्यटन पर.निहित है और प्रदेश में बीजद सरकार अच्छा काम कर रही है तथा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए उसने काफी कदम उठाए है जिसका लाभ बीजद और उसके उम्मीदवारों को मिलता रहेगा। पुरी निवासी और भुवनेश्वर में एमबीए की छात्रा नीलांजना मिश्रा ने भी कमोबेश यही मंतव्य व्यक्त किया।
पुरी और आसपास के प्रमुख पर्यटन स्थलों में गाइड का काम करने विजय मोहंती का कहना है कि परिवर्तन संसार का नियम है और कुछ भी अपरिवर्तनीय नहीं है। उन्होंने कहा कि पुरी में इस बार बदलाव का माहौल है और इसकी झलक भी नजर आ रही है। भाजपा अपना जनाधार बढ़ाने के लिए प्रयासरत है और इसका प्रतिफल उसे जरुर मिलेगा।
पुरी लोकसभा सीट के लिए छठें चरण में 25 मई को मतदान होगा और 10 दिन बाद 04 जून को मतगणना के बाद पता चलेगा कि इस बार भगवान जगन्नाथ की कृपा किस पर रही और जनता-जनार्दन ने किसे अपना नुमांइदा चुना।
पुरी में भगवान जगन्नाथ की कृपा से आज तक वंचित है भाजपा
