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छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ा अभियान

रायपुर : छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ वर्तमान सरकार ने बड़ा अभियान छेड़ दिया है। भ्रष्टाचार और घोटालों में लिप्त नौकरशाहों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। राज्य सरकार की पहल से आयकर विभाग (आईटी) व प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अलावा एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी)-आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) भी एक्शन मोड में है। तीन बड़े घोटालों की जांच शुरू कर दी गयी है, इसमें 22 सौ करोड़ का शराब घोटाला, 600 करोड़ का कोल खनन परिवहन घोटाला और 6000 हजार करोड़ का महादेव ऐप घोटाला शामिल है।
ईओडब्ल्यू और एसीबी में महानिरीक्षक अमरेश मिश्रा ने ‘यूनीवार्ता’ को बताया कि कोई भी क्राइम सस्पेक्ट अगर वो लोकसेवक है तो उसके खिलाफ जांच करनी होती है तो उसके लिए वैधानिक कार्यवाही को अंजाम दिए जाने के लिए राज्य शासन से 17 (ए) की अनुमति आवश्यक होती है जो कि महादेव ऐप घोटाले में भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के कुछ अधिकारियों के खिलाफ भी जांच करने के लिए राज्य सरकार ने 17 (ए) की अनुमति जारी की है। इस अनुमति के बाद 2005 बैच के आईपीएस शेख आरिफ, 2001 बैच के आनंद छाबड़ा , 2004 बैच के अजय यादव और 2007 बैच के प्रशांत अग्रवाल के खिलाफ जांच किये जाने की अनुमति मिली है।
गौरतलब है कि इसके पूर्व दागी अफसरों की फेहरिस्त में शामिल विवेक ढांड , अनिल टुटेजा और सौम्या चौरसिया एवम अन्य अधिकारियों के खिलाफ केंद्रीय जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद अनुमति ले ली गयी है।

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