देहरादून : उत्तराखंड के कुमाऊँ मण्डल अन्तर्गत, अल्मोड़ा वन प्रभाग क्षेत्र में गुरुवार शाम जंगल में लगी आग बुझाने के प्रयास में एक मजदूर की मौत हो गई और दो महिलाओं सहित तीन अन्य गंभीर रूप से झुलस गये। राज्य के वन मंत्री सुबोध उनियाल ने शुक्रवार को इस घटना पर दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतक दीपक के परिजनों को सान्त्वना देते हुए विभागीय अधिकारियों को इस सम्बन्ध में प्रभावी कार्रवाई का निर्देश दिया है।
श्री उनियाल ने घटना पर शोक व्यक्त कर, शाश्वत शक्ति से परिवार को यह दुःख सह पाने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। साथ ही, घायलों को बेहतर चिकित्सा-उपचार की अपेक्षा की है।
उन्होंने स्वयं के स्तर पर वनाग्नि घटनाओं की दैनिक समीक्षा कर विभागीय अधिकारियों को वनाग्नि घटनाओं को प्रभावी तौर पर नियंत्रित करने का निर्देश पारित किया है। उन्होंने इसके लिए सभी सम्भव एवं कारगर उपाय सुनिश्चित करने को कहा है। उन्होंने यह भी दोहराया कि यदि स्थानीय स्तर पर शरारती तत्वों को वनाग्नि घटनाओं में संलिप्त पाया जाता है, तो उनसे सख्ती से निपटा जाय।
उल्लेखनीय है कि अल्मोडा के हवालबाग ब्लाक के स्यूनराकोट के जंगल में गुरुवार सुबह से आग लगी हुई थी। इसी दौरान, दोपहर करीब दो बजे राजकीय इंटर कालेज कमलेश्वर के पास जंगल को आग लग गई। आग स्यूनराकोट के जंगल की ओर बढ़ने लगी। इस दौरान वहां मौजूद चार लीसा मजदूर आग बुझाने में जुट गए। आग इतनी भयंकर थी कि सभी को अपनी चपेट में ले लिया। आग बुझाने में एक व्यक्ति दीपक की मौत हो गई। जबकि तीन महिलाएं शीला, पूजा, ज्ञान गंभीर रुप से घायल हो गई। यह चारों नेपाली मजदूर हैं। जो स्यूनराकोट के जंगल में लीसा निकालने का काम करते हैं।
आग में फंसे श्रमिकों ने शोर मचा दिया और मदद की गुहार लगाई। उनके चीखने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। उन्होंने आग से घिरे श्रमिकों को बाहर निकाला, लेकिन जब तक दीपक पुजारा की मौत हो चुकी थी। आग से झुलसी शीला, पूजा और ज्ञान बहादुर को स्थानीय लोगों ने पिकअप वाहन की मदद से मेडिकल कॉलेज के अधीन बेस अस्पताल भेजा। तीनों की हालत गंभीर बनी है। चिकित्सकों ने घायलों की हालत देखते हुए उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया।
जंगल में लगी आग बुझाने की कोशिश में एक की मौत, तीन गभीर
