नैनीताल : उत्तराखंड के हल्द्वानी दंगा में जान गंवाने वाले फईम की मौत के मामले में नैनीताल के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने पुलिस को नये सिरे से जांच के आदेश दिये हैं। अदालत ने बनभूलपुरा थाना प्रभारी को अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच करने और रिपोर्ट अदालत में पेश करने को कहा है।
मामला 08 फरवरी को हल्द्वानी के बनभूलपुरा में हुए दंगे से जुड़ा है। इसमें गांधीनगर, बनभूलपुरा निवासी फईम की मौत हो गयी थी। मृतक के भाई परवेज ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि उसके भाई की मौत दंगा में नहीं बल्कि उसके पड़ोसी संजय सोनकर ने गोली मारकर की है।
इस साजिश में उसका बेटा सत्या सोनकर और पांच अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। कहा गया कि घटना के दिन मुख्य आरोपी संजय सोनकर, सत्या, राजू, सावन, हेमंत, आनंद, दीप और कुछ अज्ञात लोग उसके घर के बाहर एकत्र हुए और उनके वाहनों को आग लगा दी।
जब मृतक ने उसका विरोध किया तो सत्या के कहने पर संजय सोनकर ने उसे गोली मार दी। घायल फईम को तत्काल कृष्णा अस्पताल ले जाया गया लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। आरोपियों पर इस बीच घर में घुसकर सामान लूटने का भी आरोप है।
इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल , नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और मानवाधिकार आयोग को की गयी लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई। वादी की ओर से अदालत से मामले की जांच कर दोषियों को सजा देने की मांग की गयी।
बनभूलपुरा पुलिस की ओर से अदालत में पेश आख्या में कहा गया कि मृतक दंगा का शिकार हुआ है। अदालत ने कहा कि संज्ञेय अपराध हुआ है। अदालत ने पुलिस को अज्ञात के खिलाफ अभियोग पंजीकृत कर जांच के निर्देश दिये हैं। अदालत ने यह भी कहा कि यदि आरोपियों के खिलाफ तथ्य पाये जाते हैं तो उन्हें मामले में नामजद किया जाये।
हल्द्वानी दंगा में मारे गये फईम के मामले में पुलिस को जांच के निर्देश
