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रक्षा मंत्रालय, स्पेसपिक्सेल ने लघु उपग्रह विकसित करने के लिए मिलाया हाथ

नई दिल्ली : रक्षा मंत्रालय की एक प्रमुख पहल पर रक्षा क्षेत्र में उत्कृष्टता के लिए नवाचार योजना (आईडीईएक्स) के अंतर्गत मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी में स्पेसपिक्सेल टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड के साथ एक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए गए।
आईडीईएक्स ने यह अनुबंध 150 किलोग्राम वजन के इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल, इन्फ्रारेड, सिंथेटिक एपर्चर रडार और हाइपरस्पेक्ट्रल पेलोड ले जाने में सक्षम छोटे उपग्रह के डिजाइन और विकास के लिए किया गया है।
रक्षा सचिव गिरिधर अरामाने और मंत्रालय के अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में अतिरिक्त सचिव (रक्षा उत्पादन) एवं डिफेंस इनोवेशन ऑर्गनाइजेशन (डीआईओ) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनुराग बाजपेयी तथा स्पेसपिक्सेल टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक एवं सीईओ अवैस अहमद नदीम अल्दुरी के बीच अनुबंध का आदान-प्रदान किया गया।
रक्षा मंत्रालय के एक बयान में कहा गया है कि रक्षा सचिव ने अपने संबोधन में प्रौद्योगिकी की सीमाओं को आगे बढ़ाने और राष्ट्र की सुरक्षा के लिए नए रक्षा नवप्रवर्तकों की अटूट प्रतिबद्धता की सराहना की।
नवाचार के साथ स्वदेशीकरण के संयोजन के महत्व पर जोर देते हुए श्री अरमाने ने कहा है कि घरेलू क्षमताएं प्रयोग और विकास के लिए एक मंच प्रदान करके नवाचार को बढ़ावा देने के लिए एक आधार प्रदान करती हैं। उन्होंने कहा कि नवाचार घरेलू स्तर पर उत्पादित की जा सकने वाली नई प्रौद्योगिकियों और समाधानों के निर्माण को बढ़ावा देकर स्वदेशीकरण को बढ़ावा देता है। उन्होंने हर कदम पर नवप्रवर्तकों को हर संभव सहायता का आश्वासन भी दिया।
स्पेसपिक्सल विस्तृत पृथ्वी अवलोकन डेटा प्रदान करने के लिए उच्च-रिजॉल्यूशन हाइपरस्पेक्ट्रल इमेजिंग उपग्रहों के निर्माण और लॉन्च करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहा है। यह आईडीईएक्स का 350वां अनुबंध है। यह अनुबंध अंतरिक्ष इलेक्ट्रॉनिक्स में नवाचार को सक्षम बनाता है जिसमें पहले समर्पित बड़े उपग्रहों पर तैनात कई पेलोड को अब छोटा किया जा रहा है। मॉड्यूलर छोटा उपग्रह आवश्यकता के अनुसार कई छोटे पेलोड को एकीकृत करेगा।

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