बेंगलुरु : कर्नाटक मिल्क फेडरेशन (केएमएफ) ने मंगलवार को दूध की कीमत में दो रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की घोषणा की। केएमएफ के अध्यक्ष भीमा नाइक ने यहां संवाददाता सम्मेलन में इस बात की जानकारी दी। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही कर्नाटक सरकार ने ईंधन की कीमतों में की गई बढ़ोतरी की थी। बढ़ी हुयी कीमत 26 जून से प्रभावी होगी।
कर्नाटक में 26 जून से एक लीटर नंदिनी दूध की कीमत बढ़कर 44 रुपये हो जाएगी। राज्य में एक साल से भी कम समय में दूसरी बार दूध के दाम में वृद्ध हुयी है। गत वर्ष जुलाई में नंदनी दूध के दाम में तीन रुपये प्रति लीटर की वृद्धि हुई थी।
श्री नाइक ने दूध की कीमत में बढ़ोतरी का बचाव करते हुए कहा कि दूध की कीमत में वृद्धि एक लीटर के पाउच में 1,050 मिलीलीटर दूध उपलब्ध कराने पर आने वाली लागत को कवर करने के लिए है। उन्होंने कहा कि इस बढ़ोतरी के बावजूद कर्नाटक के दूध की कीमतें पड़ोसी राज्यों की तुलना में कम बनी हुई हैं। उन्होंने कहा कि केएमएफ द्वारा बेचे जाने वाले दही और अन्य दूध उत्पादों की कीमतें अपरिवर्तित रहेंगी।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता आर अशोक सहित विपक्षी दलों के विभिन्न नेताओं ने इस कदम की निंदा की है। श्री अशोक ने राज्य सरकार पर पहले से ही बढ़ती ईंधन लागत और मुद्रास्फीति के दबाव से जूझ रहे नागरिकों पर बोझ डालने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, “श्री सिद्दारमैया सरकार ने सत्ता में आने के 13 महीनों के भीतर दूध की कीमतों में दो बार बढ़ोतरी की है।” उन्होंने कहा, “ऐसे समय में जब लोग पहले से ही पेट्रोल, डीजल और सब्जियों की बढ़ती कीमतों से जूझ रहे हैं, यह बढ़ोतरी उनकी वित्तीय परेशानियों को और बढ़ा देगी। हम सरकार से मध्यम और निम्न आय वर्ग के लोगों की परेशानियों को देखते हुए इस फैसले पर पुनर्विचार करने का आग्रह करते हैं।”
कर्नाटक में दो रुपये प्रति लीटर महंगा हुआ नंदनी दूध
