गौरवशाली भारत

देश की उम्मीद ‎‎‎ ‎‎ ‎‎ ‎‎ ‎‎

असम में बाढ़ में अब तक 56 की मौत

एमपी-राजस्थान सहित 17 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट; कश्मीर में हीटवेव, 17 जुलाई तक स्कूल बंद
नई दिल्ली।
देश के कई राज्यों में भारी बारिश के चलते बाढ़ की स्थिति बन गई है। असम में बाढ़ के चलते गुरुवार को 8 लोगों की मौत हुई, जिससे अब तक मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 56 हो गया है। 29 जिलों के 21.13 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। काजीरंगा नेशनल पार्क में आई बाढ़ में अब तक कुल 31 जानवरों की डूबने से मौत हो चुकी है, जबकि 82 जानवरों को बाढ़ से बचाया गया है।
उत्तराखंड में गंगोत्री-गोमुख ट्रैक पर चिरबासा धारा में आई बाढ़ के चलते उस पर बना लकड़ी का पुल टूट गया। इस धारा में दिल्ली के दो कांवड़िए बह गए। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह घटना गंगोत्री से लगभग नौ किलोमीटर दूर हुई। ग्लेशियर के पिघलने के कारण धारा का जलस्तर अचानक बढ़ गया था।
आईएमडी ने शुक्रवार के लिए 17 राज्यों- जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, उत्तर प्रदेश, बिहार, सिक्किम, उत्तरी पश्चिम बंगाल, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, असम, नागालैंड, त्रिपुरा, मिजोरम, महाराष्ट्र, गोवा में अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। 11 राज्यों- हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड, राजस्थान, गुजरात, कर्नाटक, केरल में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
कश्मीर में हीटवेव, स्कूलों में 13 दिन की छुट्टी
एक तरफ जहां बाकी देश मानसूनी बारिश से सराबोर हो रहा है, वहीं गर्मियों में भी ठंडी रहने वाली कश्मीर घाटी इन दिनों तप रही है। श्रीनगर हो या गुलमर्ग, सोनमर्ग हो या फिर अमरनाथ यात्रा रूट, पहली बार पूरी घाटी लू की चपेट में है। पारा लगातार 32 डिग्री से ऊपर बना हुआ है।
श्रीनगर पहली बार बीते 7 दिन से 35 डिग्री से ज्यादा तापमान झेल रहा है। गुरुवार को यह 35.7 डिग्री रहा। यह सामान्य से करीब 7 डिग्री ज्यादा है। इससे पहले 9 जुलाई 1999 को श्रीनगर में 37 डिग्री तापमान था।
हीटवेव के चलते घाटी के स्कूलों में 17 जुलाई तक गर्मी की छुट्?टी घोषित कर दी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने भी हेल्थ एडवाइजरी जारी कर दी है। जिन इलाकों में 15 दिन पहले तक बहुत ज्यादा भीड़ थी, वहां गर्मी के चलते पर्यटक घट गए हैं। ये हालात तब हैं, जब जम्मू-कश्मीर में मानसून दस्तक दे चुका है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *