श्रीनगर : जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने यहां की सरकार के कामकाज के नियम, 2019 में संशोधन को लेकर शनिवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधा।
श्री अब्दुल्ला ने कहा कि गृह मंत्रालय द्वारा शुक्रवार को किए गए संशोधनों ने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल की प्रशासनिक शक्तियों का दायरा बढ़ा दिया है। यह एक और संकेत है कि जम्मू-कश्मीर में चुनाव नजदीक हैं। यही कारण है कि जम्मू-कश्मीर के लिए पूर्ण, अविभाजित राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए समयसीमा निर्धारित करने की दृढ़ प्रतिबद्धता इन चुनावों के लिए एक शर्त है।
श्री अब्दुला ने गृह मंत्रालय द्वारा जम्मू-कश्मीर व्यापार नियमों में संशोधन की रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए एक्स पर लिखा, “जम्मू-कश्मीर के लोग एक शक्तिहीन, रबर स्टैम्प मुख्यमंत्री से बेहतर के हकदार हैं, जिसे अपने चपरासी की नियुक्ति के लिए उपराज्यपाल से भीख मांगनी पड़ेगी।”
गृह मंत्रालय द्वारा किए गए संशोधनों के अनुसार, प्रशासनिक सचिवों और अखिल भारतीय सेवा (एआईएस) अधिकारियों के कैडर पदों के स्थानांतरण से संबंधित प्रस्ताव मुख्य सचिव के माध्यम से सामान्य प्रशासन विभाग के प्रशासनिक सचिव द्वारा जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल को प्रस्तुत किए जाएंगे।
उमर अब्दुल्ला ने केन्द्र सरकार पर साधा निशाना
