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चंबल खतरे के निशान से 5.10 मीटर नीचे, बाढ़ के खतरे को देखते जिला प्रशासन सतर्क

मुरैना : मध्यप्रदेश के मुरैना जिला स्थित चंबल नदी में पार्वती, सिंध नदी का पानी आने और कोटा बैराज डेम से छोड़े गए पानी से चंबल उफान पर आ गई है और वह खतरे के निशान से महज 5.10 मीटर नीचे वह रही है।
आधिकारिक जानकारी में बताया गया है कि चंबल राजघाट पर खतरे का निशान 138 मीटर पर है। अगर खतरे के निशान को चंबल छूती है तो जिले करीब आधा दर्जन गांव चुसलाई, राजगढ़, सुखधान का पूरा, इंद्रजीत का पूरा, रायडी और राघेन पूरी तरह डूब में आ जाएंगे। इसलिए जिला प्रशासन ने इन गांवों को अलर्ट कर दिया है।
सूत्रों ने कहा है कि अगर चंबल खतरे के क्यूसेक निशान को पार करती हैं, तब उसकी बाढ़ की चपेट में आने से करीब 89 गांव प्रभावित होंगे। जिला प्रशासन ने उन 89 गांवों में भी मुनादी कराए जाने के अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि कि राजस्थान में हो रही भारी बारिश के कारण पार्वती और सिंध नदी का पानी चंबल में आ रहा है। वहीं कल सुबह कोटा बेराज डेम से छोड़े गए 18 हजार क्यूसेक पानी से चंबल का जल स्तर आज सुबह 132.90 मीटर पर आ गया है। जबकि खतरे का निशान 132 मीटर पर है। सूत्रों के अनुसार जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ साथ जल संसाधन विभाग लगातार चंबल के जल स्तर बढ़ने पर निरंतर मॉनिटरिंग कर रहा है।

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