जम्मू : नब्बे सदस्यीय जम्मू-कश्मीर विधानसभा के लिए होने वाले तीन चरणों के विधानसभा चुनावों में मुख्यधारा की राजनीतिक पार्टी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नए चेहरों पर भरोसा करेगी और कुछ पुराने दिग्गजों को दोहरा सकती है।
इस केन्द्र शासित प्रदेश में मतदान 18 सितंबर, 25 सितंबर और एक अक्टूबर को होना है।
पार्टी सूत्रों ने कहा, “उम्मीदवारों के नाम लगभग तय हैं और अंतिम मुहर के लिए आलाकमान को सौंपे गए हैं। पार्टी इस बार नए चेहरों पर अधिक भरोसा करेगी।”
भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) ने एक दशक बाद हो रहे जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के लिए पहले चरण के मतदान के लिए अधिसूचना पहले ही जारी कर दी है।
अधिसूचना में नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 27 अगस्त निर्धारित की गई है। जबकि जांच 28 अगस्त को होगी, उम्मीदवारी वापस लेने की आखिरी तारीख 30 अगस्त है और मतदान 18 सितंबर को होगा।
उन्होंने कहा, “जम्मू-कश्मीर में भाजपा दिग्गज लोगों की पार्टी है, लेकिन कुछ को छोड़कर, आलाकमान अपने ‘अब की बार, 50 पार’ नारे को साकार करने के लिए 90 निर्वाचन क्षेत्रों में नए चेहरों को मैदान में अधिक उतारेगा।”
जम्मू-कश्मीर भाजपा प्रमुख रविंदर रैना ने हाल ही में कहा था कि पार्टी जम्मू-कश्मीर में 70 से 80 सीटों पर अपने दम पर विधानसभा चुनाव लड़ेगी। लेकिन कश्मीर घाटी में कुछ स्वतंत्र उम्मीदवारों और उन लोगों के साथ विचार-विमर्श चल रहा है जो जीतने में सक्षम होंगे और भाजपा का उनका समर्थन करेगी।
पार्टी सूत्रों ने कहा, “वर्तमान में चुनाव लड़ने के इच्छुक कई राजनीतिक नेताओं के लिए भाजपा पहली पसंद है और क्षेत्रीय दलों सहित कई लोग पार्टी में शामिल हो गए हैं। भाजपा एक तरफ अधिकतम सीटें जीतने के लिए नये चेहरों पर निर्भर है। साथ ही पार्टी में ‘पुराने दोस्त’ और दशकों से समर्पित नेता भी भगवा ब्रिगेड में टिकट पर नजर गड़ाए हुए हैं।”
पार्टी ने कहा, “नए उम्मीदवारों के नामों पर विचार चल रहा है, लेकिन ‘मुख्य’ चेहरों और पुराने वफादारों को नजरअंदाज करना, जिन्होंने निस्वार्थ भाव से जम्मू-कश्मीर में पार्टी के उत्थान में योगदान दिया, इस समय अनुकूल निर्णय नहीं होगा।”
इसके अलावा आरक्षित और खुली श्रेणी की सीटों के मद्देनजर जाति और समुदाय के आधार पर उम्मीदवारों की घोषणा भी भाजपा के लिए अग्निपरीक्षा से कम नहीं होगी।
जम्मू-कश्मीर में आखिरी विधानसभा चुनाव 2014 में हुए थे। जिसके बाद भाजपा और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी पीडीपी ने पूर्ववर्ती राज्य जम्मू-कश्मीर में गठबंधन सरकार बनाई थी। भाजपा द्वारा समर्थन वापस लेने के बाद गठबंधन सरकार जून 2018 गिर गयी।
जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव में भाजपा को नए चेहरों पर अधिक भरोसा
