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तमिलनाडु में मछुआरों की एक दिवसीय हड़ताल

रामेश्वरम : तमिलनाडु के रामेश्वरम में मशीनीकृत नाव के मछुआरों ने श्रीलंकाई नौसेना द्वारा हिरासत में लिए गए राज्य के मछुआरों को तत्काल और बिना शर्त रिहाई की मांग करते हुए बुधवार को एक दिवसीय हड़ताल की।
रामेश्वरम में मछली पकड़ने वाला व्यस्ततम घाट आज वीरान नजर आया, क्योंकि लगभग 5,000 मछुआरे हड़ताल पर हैं और मछली नहीं पकड़ रहे हैं जबकि 700 से अधिक पंजीकृत मशीनीकृत मछली पकड़ने वाली नौकाओं को उन्होंने रामेश्वरम मछली पकड़ने वाले घाट पर खड़ा कर दिया है।
निर्दोष मछुआरों की दुर्दशा पर केंद्र सरकार का ध्यानाकर्षित करने के लिए फेडरेशन ऑफ ऑल मैकेनाइज्ड बोट्स फिशरमैन एसोसिएशन ने इस हड़ताल का आह्वान किया है। मछुआरे भारत सरकार से रामेश्वरम के दो मछुआरों का पता लगाने और उनको रिहा करवाने के लिए ठोस कदम उठाने की भी मांग कर रहे हैं, जो मंगलवार को कच्चातिवू द्वीप के पास नाव पलटने के बाद लापता हो गए थे।
तमिलनाडु तटीय मैकेनाइज्ड बोट्स फिशरमैन एसोसिएशन के सचिव पी.सेशु राजा ने यहां पत्रकारों से कहा कि श्रीलंकाई नौसेना ने 26 अगस्त को अपने क्षेत्रीय जल में अवैध शिकार का कथित आरोप लगाते हुए रामेश्वरम के आठ मछुआरों को पकड़ लिया और उनकी मछली पकड़ने वाली मशीनीकृत नौकाओं को जब्त कर लिया।
इसके साथ ही श्रीलंकाई नौसेना ने इस वर्ष अब तक तमिलनाडु के विभिन्न जिलों के 341 मछुआरों को गिरफ्तार किया है और 46 नौकाओं को जब्त किए हैं।
मछुआरों के निरंतर गिरफ्तार होने से मत्स्य उद्योग पर निर्भर मछली पकड़ने वाले समुदाय उन्होंने कहा,“ भारत सरकार को श्रीलंका के साथ इस मुद्दे को उठाना चाहिए और उनकी नौसेना को हमारे मछुआरों पर हमला करने में संयम बरतने का निर्देश देना चाहिए और तमिलनाडु के मछुआरों के मछली पकड़ने के पारंपरिक अधिकारों को बहाल करना चाहिए।

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