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इंडिया एक्जिम बैंक ने खुर्जा पाॅटरी को प्रदान की डिजिटल सुंदरता

खुर्जा : भारतीय निर्यात-आयात बैंक (इंडिया एक्ज़िम बैंक) ने उत्तर प्रदेश से निर्यात बढ़ाने के लिए खुर्जा पॉटरी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन को एक 3डी डिज़ाइन स्टूडियो बनाने के लिए सहयोग प्रदान किया है।
इंडिया एक्ज़िम बैंक की प्रबंध निदेशक हर्षा बंगारी ने बताया कि बैंक ने यह सहयोग छोटे उद्यमों के लिए बनाए गए अपने कार्यक्रम- ‘ग्रासरूट उद्यम विकास’ के तहत प्रदान किया है। इसी साल, बैंक ने राष्‍ट्रीय डिज़ाइन संस्थान, अहमदाबाद के सहयोग से इस इस क्षेत्र के 25 मास्टर दस्तकारों के लिए खुर्जा में एक डिजाइन विकास कार्यशाला आयोजित की थी। इसका मकसद खुर्जा में पॉटरी विनिर्माताओं और दस्तकारों को उन्‍नत डिजाइन कौशल और बेहतर तकनीकें सिखाकर उन्हें सशक्त बनाना है, ताकि उनके उत्पाद विश्‍व स्तर पर प्रतिस्पर्धी बन सकें।
अधिकृत सूत्रों के अनुसार खुर्जा में टेबलवेयर क्रॉकरी और तकनीकी सिरामिक उद्योग में लगभग 300 से अधिक विनिर्माण इकाइयां हैं, जो 30 हजार से अधिक कुशल और नए श्रमिकों को रोजगार दे रही हैं। 3डी डिज़ाइन स्टूडियो का शुभारंभ कर चुकी हैं।
उन्होने बताया कि खुर्जा पॉटरी के लिए डिजाइन विकास लंबे समय से एक बड़ी चुनौती रही है। डिजाइन विकास में कौशल का अभाव अनुभवी दस्तकारों को भी अपनी इस सुंदर कला में अभिनव प्रयास करने में बाधक रहा है। इस कारण, उन्हें कहीं न कहीं अपने उत्पादों को बाजार की मांग के अनुरूप बनाने में भी चुनौती का सामना करना पड़ता रहा है। इन चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए बैंक ने खुर्जा पॉटरी के लिए एक 3डी डिजाइन स्टूडियो बनाने के लिए सहयोग दिया है।
3डी डिज़ाइन स्टूडियो से 250 से अधिक स्थानीय पॉटरी इकाइयां (जो केपीएमए की सदस्य हैं) लाभान्वित होंगी। इसके साथ ही इन्हें अत्याधुनिक तकनीक की जानकारी मिलेगी और विशेषज्ञों का मार्गदर्शन मिलेगा। इस स्टूडियो के जरिए वे डिजाइनों के साथ नए प्रयोग कर सकेंगे, उनकी उत्पादन लागत घटेगी और वे अपने उत्पादों की समग्र गुणवत्ता में सुधार ला सकेंगे। इसके अलावा, स्टूडियो में मिलने वाले प्रशिक्षण से पॉटरी दस्तकारों को नए डिजाइन और पैटर्न बनाने के लिए जरूरी कौशल मिलेगा। इससे उन्हें अपने उत्पादों को और अधिक मनभावन और व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य बनाने में मदद मिलेगी।
सुश्री बंगारी ने 3डी डिजाइन स्टूडियो की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे इन ग्रासरूट उद्यमों को अपनी बनाई चीज़ें दुनियाभर में पहुंचाने में मदद मिलेगी। यूपी के इन उद्योगों की निर्यात क्षमता को ध्यान में रखते हुए, बैंक ने हाल ही में लखनऊ में भी अपना क्षेत्रीय कार्यालय खोला है।
उन्होंने बताया कि बैंक ने बनारसी सिल्क साड़ियों के बुनकरों और जरी-जरदोजी कारीगरों के लिए कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने में सहयोग प्रदान किया है। बैंक, सूरजकुंड अंतरराष्‍ट्रीय शिल्प मेला, काला घोड़ा कला महोत्सव और बैंक के प्रमुख कार्यक्रम- एक्ज़िम बाजार में राज्य के कई कारीगरों को हिस्सा लेने में सहायता करता रहा है।

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