चंपावत/नैनीताल : उत्तराखंड के चंपावत में अतिवृष्टि होने से बहुत नुकसान हुआ है, विशेषकर सड़कों को काफी नुकसान हुआ है। जिले में 39 सड़कें भूस्खलन के कारण बंद हो गयी हैं। साथ ही टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) के बंद होने से तराई से संपर्क कट गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, चंपावत की लाइफ लाइन कहे जाने वाले टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग को बहुत नुकसान हुआ है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर 10 स्थानों पर मलबा जमा हो गया है, इससे तराई से चंपावत का संपर्क पूरी तरह से टूट गया है।
बताया जा रहा है कि एनएच के 88 किमी में बहुत मलबा जमा हो गया है। इससे अनुमान है कि एनएच को खोलने में आठ से नौ घंटे लग सकते हैं। हालांकि जिला प्रशासन ने एनएच को खोलने के लिये युद्धस्तर पर काम शुरू कर दिया है।
इसके अलावा जिले में 38 अन्य सड़कें भी बंद हैं, इनमें ककरालीगेट-ठुलीगाड़, सूखीढांग-डाडा मीनार और बाराकोट-भनोली राजमार्ग शामिल हैं।
टनकपुर-पिथौरागढ़ एनएच बंद, चंपावत का तराई से संपर्क कटा
