कोलकाता : ममता बनर्जी ने शनिवार को यहां साल्ट लेक स्थित स्वास्थ्य भवन में आंदोलनरत जूनियर डॉक्टरों के धरनास्थल का औचक दौरा किया और उनसे काम पर लौटने की अपील की।
सुश्री बनर्जी ने कहा , “मैं यहां मुख्यमंत्री के रूप में नहीं बल्कि आपकी ‘दीदी’ के रूप में मिलने आयी हूं। मैं आपको आश्वासन देती हूं कि मैं आपकी मांगों का अध्ययन करूंगी और अगर कोई दोषी पाया जाता है तो कार्रवाई करूंगी।” उन्होंने प्रदर्शनकारी डॉक्टरों से काम पर लौटने की अपील की और सभी सरकारी अस्पतालों में रोगी कल्याण समितियों को तत्काल प्रभाव से भंग करने की भी घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब मेडिकल कॉलेजों के प्रिंसिपल अध्यक्ष होंगे और जूनियर और सीनियर दोनों तरह के डॉक्टरों, नर्सों, एक जनप्रतिनिधि और पुलिस में से सदस्य लिये जायेंगे। उन्होंने जूनियर डॉक्टरों को यह भी याद दिलाया कि वे डॉक्टरों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करेंगी क्योंकि शीर्ष न्यायालय में अगली सुनवाई आगामी मंगलवार को है। उन्होंने कहा , “हम यूपी की तरह नहीं हैं जहां सरकार ने छह महीने तक विरोध प्रदर्शनों पर प्रतिबंध लगा दिया था।” उन्होंने कहा कि सीबीआई को तीन महीने के भीतर जांच पूरी करनी चाहिए और दोषियों को फांसी देनी चाहिए।
उन्होंने अपने करीब 15 मिनट के संबोधन के बाद कहा, “यह संकट को हल करने का मेरा आखिरी प्रयास है।” जब वह धरनास्थल से निकल रही थीं तो जूनियर डॉक्टरों ने फिर से ‘हम न्याय मांगते हैं, हम न्याय मांगते हैं’ नारे लगाये।
इस बीच जूनियर डॉक्टरों ने संवाददाताओं से कहा कि सरकार द्वारा उनकी पांच मांगें मान लिए जाने के बाद वे तुरंत काम पर लौट आयेंगे। डॉ. अनिकेत महतो ने कहा, “हम अपनी पांच मांगों को नहीं छोड़ रहे हैं, जिनमें गत नौ अगस्त को दुष्कर्म और हत्या की शिकार महिला चिकित्सक के लिए न्याय, 15 अगस्त की सुबह अस्पताल में तोड़फोड़ करने वालों की गिरफ्तारी और शहर के पुलिस आयुक्त, राज्य स्वास्थ्य सचिव और उनके दो अधीनस्थों का इस्तीफा शामिल है।” डॉक्टरों ने इस मुद्दे को सुलझाने के लिए मुख्यमंत्री से लाइव स्ट्रीमिंग के साथ तत्काल बातचीत की मांग की है।
गौरतलब है कि जूनियर डॉक्टर मंगलवार से राज्य स्वास्थ्य विभाग के मुख्यालय साल्ट लेक स्थित स्वास्थ्य भवन के पास अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
ममता ने आंदोलनरत डॉक्टरों के धरनास्थल का औचक दौरा किया
