कोलकाता : पश्चिम बंगाल में सरकारी अस्पतालों के बाह्यरोगी विभागों में डॉक्टरों का अनिश्चितकालीन काम बंद गुरुवार को 42वें दिन भी जारी रहा।
इससे पहले राज्य के मुख्य सचिव मनोज पंत के साथ बुधवार को उनकी दूसरी बैठक में भी गतिरोध खत्म नहीं हो सका।
कोलकाता के आर जी कर मेडिकल कालेज अस्पताल में गत नौ अगस्त को एक प्रशिक्षु महिला डॉक्टर के हत्यारों को सजा दिलाने की मांग कर रहे जूनियर डॉक्टरों ने आरोप लगाया कि उन्हें अपनी मांगों को पूरा करने के लिए शीर्ष नौकरशाह से कोई लिखित आश्वासन नहीं मिला।
इस बीच आज सुबह स्वास्थ्य भवन (स्वास्थ्य सचिवालय) के सामने धरना स्थल पर पंखे, बायो-टॉयलेट और शामियाना समेत अस्थायी सुविधाएं हटा दी गयीं जिससे भ्रम की स्थिति बनी रही। बिधाननगर पुलिस आयुक्त कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने धरनास्थल से शामियाने को हटाने में किसी भी भूमिका से इनकार किया। उन्होंने कहा, “हां, अगर डॉक्टरों को जरुरत है तो हम उनकी मदद करने के लिए तैयार हैं।”
आंदोलनरत डॉक्टर सरकारी अस्पतालों में सुरक्षा और सुरक्षा टास्क फोर्स के गठन की मांग कर रहे हैं, जिसका वादा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ पिछली बैठक में किया गया था।
बंगाल में आंदोलनरत डॉक्टरों का अनिश्चितकालीन काम बंद का 42वां दिन
