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इटावा में कोहरे ने कराया सर्दी का अहसास

इटावा : पश्चिमी उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में पिछले दिनो हुयी झमाझम बारिश के बाद शुक्रवार को कोहरे ने गुलाबी ठंड का अहसास कराया। इटावा की सड़को पर कोहरा सुबह छह बजे से करीब सवा सात बजे तक देखा गया । रात से कोहरे की हल्की परत फुहार के रूप में शुरू हो गई थी जो सुबह सूरज की रोशनी निकलने तक जारी रहा है। स्कूली बच्चे मौसम का पहला कोहरा देख कर बेहद खुश भी हुए है जबकि तड़के भ्रमण करने वालों को हल्की सर्दी का भी एहसास हुआ है।
मार्निग बाकर अशोक कुमार बताते है कि वो सुबह पांच बजे के आसपास टहलने के लिए अपने घर से निकले थे,सुबह छह बजते ही कोहरा एकाएक शुरू हो गए। हैरत में पड़ना लाजिमी था क्योंकि इससे पहले कभी भी सितंबर माह में इस तरह से कोहरा नहीं पड़ा था।
मौसम विज्ञानी डी.एस.चौहान का कहना है कि समय से पहले कोहरा पड़ जाना इस बात का संकेत है कि मौसम में बड़ा बदलाव हो रहा है और यह बदलाव आने वाले वक्त में व्यापक सर्दी की ओर इशारा कर रहा है।
कृषि वैज्ञानिक मानते हैं कि कोहरा किसी भी फसल के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है यह फसलों की ग्रोथ को बढ़ाने के लिए सबसे अधिक लाभदायक है। कृषि विभाग के उपनिदेशक आर.एन.सिंह बताते है कि कोहरा किसी भी फसल के लिए सबसे अधिक फायदेमंद होता है,अगर कोहरे की शुरू आत हो गई है तो अब सर्दी आने में देर नहीं लगेगी।
इससे पहले जिले में 18 सितंबर को हुयी बरसात के दौरान तीन लोगों की विभिन्न इलाकों में मौत हुई है जबकि एक दर्जन के आसपास लोग घायल हुए हैं। दर्जनों के कच्चे पक्के मकान गिर गए है। कई दर्जन के आसपास पेड़ों के गिरने की भी घटनाएं बरसात के दौरान घटित हुई है।
कृषि विभाग के अनुसार इटावा में एक दिन में 300 मिमी बरसात हुई। इटावा जिला बरसात के मामले में पहले 80 फीसदी चिन्हित था लेकिन अब इटावा 110 फीसदी वाले जिलों में शुमार हो गया है। उप जिला कृषि निदेशक आर.एन.सिंह बताते है कि इस बरसात से धान और बाजरा को मामूली रूप से नुकसान हुआ है। जिन खेतों में धान पहले बोआ गया है उसमे नुकसान जरूर हुआ लेकिन बाद वाली फसल को कोई नुकसान नहीं हुआ है।

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