नई दिल्ली : सौरभ भारद्वाज ने उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना से बस मार्शलों को नौकरी पर बहाल करने की माँग करते हुए कहा कि दिल्ली के लगभग दस हज़ार बस मार्शल आज बर्बादी की कगार पर खड़े हैं।
श्री भारद्वाज ने दिल्ली विधानसभा के सदन में गुरुवार को कहा कि दिल्ली के लगभग दस हज़ार बस मार्शल आज बर्बादी की कगार पर आ गए हैं। उन्होंने कहा कि इन बस मार्शलों के घर में चूल्हा जलना बंद हो गया है, जो लोग किराए पर रह रहे हैं वह अपने घर का किराया तक नहीं दे पा रहे हैं, कुछ लोगों ने परेशान होकर आत्महत्या तक कर ली है और बेहद ही परेशानियों में यह लोग अपना जीवन व्यतीत कर रहे हैं। उन्होंने कहा इनमें से अधिकतर लोग बेहद ही गरीब परिवार से आते हैं और ज्यादातर अपने परिवार में इकलौते कमाने वाले हैं।
उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए बसों मार्शलों को तैनात किया गया था। सभी बस मार्शल अपना काम बहुत अच्छी तरह से कर रहे थे, लेकिन अचानक से जनवरी 2023 में इन बस मार्शलों की तनख्वाह रोक दी गई। जब से दिल्ली में उपराज्यपाल के पद पर श्री सक्सेना आए हैं, जिस विभाग को भी बर्बाद करना हो उस विभाग द्वारा बनाई गई योजनाओं में कुछ न कुछ कमी निकालकर उसे बंद कर दिया जाए।
श्री भारद्वाज ने कहा कि दुनिया की कोई भी योजना हो यदि ढूंढा जाए तो उसमें एक कमी तो निकाली ही जा सकती है। बस इसी का सहारा लेकर दिल्ली सरकार के अलग-अलग विभागों द्वारा जनहित में बनाई गई योजनाओं को रोकने का काम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि अधिकारियों को इस प्रकार की योजनाओं को रोकने के लिए निर्देश दिए जाते हैं और अधिकारी उस योजना में कोई भी छोटी-मोटी कमी निकालकर उसको रोकने का काम शुरू कर देते हैं। श्री भारद्वाज ने कहा कि सदन में प्रस्ताव पास हुआ कि हमारे ओर भाजपा के सभी विधायक और सरकार के मंत्री तीन अक्टूबर को उपराज्यपाल कार्यालय जाएँगे और मार्शलों को बहाल करने की माँग करेंगे।
दस हजार बस मार्शल बर्बादी की कगार तक पहुंचा
