जौनपुर : विगत 24 घन्टे से पूर्वांचल ही नहीं लगभग पूरे उत्तर प्रदेश में विदाई से पूर्व मानसून ने ऐसी घेराबन्दी की है कि आम जनमानस से लेकर किसानो के माथे पर चिन्ता की लकीरें नजर आने लगी है, इतना ही नहीं नदी नाले सभी बहने लगे है। जौनपुर में गोमती नदी का जल स्तर इतना तेज बढ़ रहा है कि नदी के तट पर निवास करने वाले सुरक्षित ठिकानो की तलाश शुरू कर दिए है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार विगत दो दिनों से अपनी विदाई से पूर्व मानसून जौनपुर सहित पूर्वांचल के अधिकांश हिस्सों में भारी बारिश का सिलसिला जारी है, कहीं कहीं अत्यधिक भारी बारिश और खेतों में जलभराव से धान, अरहर, मूंगफली और हरी सब्जियां उगाने वाले किसानों के माथे पर अब चिंता की रेखाएं हैं। उन्हें इस मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं से फसल के खराब होने और नुकसान का डर सता रहा है। आज सुबह से जौनपुर जिले में रुक-रुक कर बारिश हो रही है।
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के विभिन्न इलाकों में रविवार को भी मध्यम से भारी बारिश के आसार हैं। इसके बाद मानसून के कमजोर पड़ने के संकेत हैं। शनिवार को जौनपुर में दिन का अधिकतम तापमान महज 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा।
इस बरसात का असर नदी नालो पर साफ नजर आने लगा है। जौनपुर जिले में बहने वाली नदी गोमती ,सई और बसुई में पानी का जल स्तर दो दिन में लगभग दो से ढाई फिट तक उपर आ गया है। नदी का पानी अब नालो के रास्ते ग्रामीण इलाको की बस्तियों की ओर रुख कर लिया है, जिसके कारण निचले क्षेत्रो में निवास करने वाले लोग सुरक्षित ठिकानो की तलाश शुरू कर दिए है।
जौनपुर शहर की सड़कों का खासा बुरा हाल बरसात ने कर दिया है। शहर की सड़कों की खुदाई एसटीपी योजना के तहत होने के कारण जगह जगह पर धंसने से यातायात व्यवस्था चरमराती दिख रही है। जिले के जिम्मेदार अधिकारियों से बात करने वह तकनीकी बात बताते हुए कहते है सड़क की खुदाई के बाद एक दो बरसात समस्या रहती है जब मिट्टी पूरी तरह से बैठ जायेगी तो सड़क धंसने की समस्या दूर हो जाएगी।
जौनपुर में बरसात से गोमती नदी का जल स्तर बढ़ा, सड़कें धंसी
