आजमगढ़ के सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी के ऑफिस में भ्रष्टाचार को उजागर करने वाली एक घटना सामने आई है जिसमे धीरज कुमार राय नाम के एक व्यक्ति के साथ सरकारी काम को बिना घूस दिए पूर्ण कराने की कोशिश में उनके साथ मारपीट की गयी और इस मामले में शिकायत करने के बाद कोई भी पुलिस कार्यवाही न होने पर पीड़ित व्यक्ति ने लखनऊ में स्तिथ परिवहन विभाग के प्रमुख उप-सचिव को इस भ्रष्टाचार से जुडी गतिविधि की शिकायत की।
इस घटना का जिक्र करते हुए पीड़ित धीरज कुमार राय ने बताया कि मामला तिथि 22/03/2022 से जुड़ा है जब वह अपनी इनोवा क्रिस्टा गाड़ी के फिटनेस वेरिफिकेशन के लिए आजमगढ़ के ए.आर.टी.ओ.ऑफिस पहुंचे। ऑफिस पहुंचकर धीरज कुमार राय ने ड्यूटी पर तैनात अफसर पवन कुमार सोनकर से गाड़ी की फिटनेस वेरिफिकेशन की कार्यवाही करने की प्रार्थना की। लेकिन सम्बंधित अधिकारी ने काम को पूर्ण करने के लिए पीड़ित व्यक्ति धीरज कुमार राय से 3000 रूपये रिश्वत की मांग की। धीरज कुमार ने रिश्वत देने से मना किया और सम्बंधित अधिकारी पवन कुमार सोनकर के पास शासन का फोन करवाया जिसके बाद शासन ने गाड़ी की समस्या को लेकर एक शपथ पत्र जमा करने के लिए कहा। पवन कुमार सोनकर शासन द्वारा फोन करवाए जाने से नाराज हो गए और धीरज कुमार के कार्य को पूर्ण किये बिना ही ऑफिस से अपने निरिक्षण स्थल भंवरनाथ रवाना हो गए। धीरज कुमार को शाम साढ़े चार बजे तक इंतजार करना पड़ा। ए.आर.टी.ओ. के अधिकारी पवन कुमार सोनकर जब वापस अपने कार्यालय पहुंचे तो एक बार फिर से पीड़ित व्यक्ति ने अपने कार्य पूर्ण करने की प्रार्थना की लेकिन अधिकारी ने उन्हें बाहर भेजकर इंतजार करने को कहा। बाहर खड़े धीरज कुमार राय को ऑफिस के बाहर खड़े कुछ दलालों ने घेर लिया और उन्हें गाली देने लगे उसके बाद जब पीड़ित पवन कुमार सोनकर को इस घटना की जानकारी देने गए तो वो भी धीरज कुमार पर गुस्सा हो गए। इस दौरान 5-6 दलाल अधिकारी पवन कुमार सोनकर के सामने ही धीरज कुमार राय को मारने लगे और अपशब्द कहने लगे। इस घटना के बाद पीड़ित व्यक्ति ने निकटतम थाना/चौकी पर शिकायत की लेकिन इस सन्दर्भ में कोई भी कार्यवाही सम्बंधित अधिकारी पवन कुमार और मारपीट करने वाले दलालों के खिलाफ नही हुई।
पीड़ित ने बताया कैसे होता है भ्रष्टाचार
पीड़ित व्यक्ति धीरज कुमार ने ए.आर.टी.ओ. आजमगढ़ ऑफिस से जुड़े भ्रष्टाचार के बारे में और खुलासा करते हुए बताया कि सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी आजमगढ़ के दफ्तर पर हर सरकारी काम के पूर्ण होने का रास्ता भ्रष्टाचार से होकर जाता है। इस सरकारी दफ्तर में हर फाइल पर पैसा फिक्स होता है, कोई भी काम बिना दलाल के होना असंभव है। यदि कोई अपना काम करवाने भी जाए तो यहाँ के बाबू आपकी फाइल में इतनी कमी बताएंगे कि आप परेशां होकर पैसा देना ज्यादा उचित समझेंगे। ए.आर.टी.ओ. ऑफिस ऑफिस पर आर.आई. को माफिया एवं गुंडों की 20-25 संख्या में संरक्षण प्राप्त है ताकि आम आदमी को माफिया और दलालों द्वारा परेशां किया जा सके। ऑफिस के अगल बगल सैंकड़ों दुकाने है वहां पर दलालों का उठाना बैठना है, इन दलालों से अधिकारीयों और बाबुओं का कमीशन फिक्स होता है ये लोग ऑफिस के अन्दर कोई कार्य न करके बाहर भेज देते है और बहार के साईबर कैफे पर सारा काम होता है। जिससे इनको कमीशन मिल सके। इस ए.आर.टी.ओ.ऑफिस के बाहर कई सालों से अफसर और बाबू कई सालों से भ्रष्टाचार में लिप्त है।
