दिल्ली प्रोद्यौगिकी विश्वविद्यालय के डीटीयू-आईआईएफ के माध्यम से स्वीकृत/पंजीकृत स्टार्टअप के लिए एचडीएफसी बैंक अब अनेकों पेशकश/समाधान प्रदान करेगा। इसके लिए गुरुवार, 9 जून को बाकायदा डीटीयू इनोवेशन एंड इनक्यूबेशन फाउंडेशन (डीटीयू-आईआईएफ) तथा एचडीएफसी बैंक लिमिटेड के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस अवसर पर मुख्य रूप से डीटीयू के रजिस्ट्रार प्रो मधुसूदन सिंह, डीटीयू-आईआईएफ के सीईओ प्रो गिरीश कुमार, डीटीयू डीएसडब्ल्यू प्रो एस. इंदु और एचडीएफसी बैंक के सर्कल हेड (सीनियर वाइस प्रेज़ीडेन्ट) आकाश सेठ, सीनियर वाइस प्रेज़ीडेन्ट (गवर्नमेंट एंड इंस्टीट्यूशनल बिजनेस) उत्तम सिंह अहलूवालिया और डिप्टी वाइस प्रेज़ीडेन्ट व ब्रांच मैनेजर मुनमुन गुप्ता उपस्थित रहे।
डीटीयू-आईआईएफ़ के सीईओ प्रो. गिरीश कुमार ने बताया कि इस एमओयू के तहत एचडीएफसी बैंक डीटीयू-आईआईएफ के माध्यम से स्वीकृत/पंजीकृत स्टार्टअप्स के बैंक खाते खोलना, एचडीएफसी बैंक वेंचर फंड और एचडीएफसी बैंक के साथ साझेदारी में भागीदारी/समर्थित/प्रमोटेड इन्क्यूबेटर्स/एक्सेलरेटर्स जैसी कई सुविधाएं देगा। उन्होने बताया कि “डीटीयू-आईआईएफ” एक टेक्नोलोजी बिजनेस इनक्यूबेटर है जो विभिन्न स्टार्टअप से जुड़ी नई प्रतिभाओं को सहायता प्रदान करने के लिए एक आंतरिक व्यापार प्रक्रिया और संबंधित बुनियादी ढांचे को विकसित करके अंतरराष्ट्रीय मानकों के पेशेवर और तकनीकी सहायता प्रदान करने का प्रयास करता है।
एचडीएफसी बैंक के सर्कल हेड (सीनियर वाइस प्रेज़ीडेन्ट) आकाश सेठ ने जानकारी देते हुए बताया कि “एचडीएफसी बैंक ने स्टार्टअप्स के लिए एक स्मार्ट समाधान (स्मार्टअप) स्थापित किया है। बैंक ने स्टार्टअप के लिए एक विशेष एंड-टू-एंड बैंकिंग समाधान विकसित किया है जिसमें कॉर्पोरेट सेलरी अकाउंट, फोरेक्स एडवाइजरी सर्विसेज, भुगतान और संग्रह समाधान और पसंदीदा दरों पर पीओएस टर्मिनल और नोडल खाते शामिल हैं। प्रो. गिरीश ने कहा कि डीटीयू-आईआईएफ़ और एचडीएफ़सी बैंक के बीच इस एमओयू से दोनों संस्थाओं को बहुत लाभ होगा।
