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किबिथू सैन्य शिविर अब जनरल बिपिन रावत सैन्य शिविर

नयी दिल्ली : अरुणाचल प्रदेश में वास्तविक नियंत्रण रेखा के निकट सामरिक रूप से महत्वपूर्ण किबिथू सैन्य शिविर का नाम देश के पहले प्रमुख रक्षा अध्यक्ष यानी सीडीएस के नाम पर जनरल बिपिन रावत सैन्य शिविर रखा गया है। राष्ट्र की सेवा में बढ़-चढ़कर योगदान देने वाले जनरल रावत को सम्मान देने के लिए वालांग से किबिथु तक के 22 किलोमीटर लंबे मार्ग का नाम भी जनरल बिपिन रावत मार्ग रखा गया है।
अरुणाचल प्रदेश के अंजा जिले में लोहित घाटी के किनारे स्थित कीबिथु एक छोटा सा कस्बा है। यहां वास्तविक नियंत्रण रेखा के निकट सेना का महत्वपूर्ण शिविर है। यहां रविवार को आयोजित एक समारोह में शिविर तथा इसे जोड़ने वाली सड़क का नाम जनरल रावत के नाम पर रखा गया।
इस मौके पर जनरल रावत की बेटियां भी मौजूद थी। जनरल रावत और उनकी पत्नी की दिसंबर 2021 में एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई थी। उस समय वह एक आधिकारिक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए सुलुर जा रहे थे।
आज के समारोह में अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल , मुख्यमंत्री सेना की पूर्वी कमान के प्रमुख भी मौजूद थे।
जनरल रावत ने वर्ष 1999 से 2000 तक किबिथू में सेना की 5/11 गोरखा राइफल बटालियन की कर्नल के रूप में कमान संभाली थी। उन्होंने सैन्य शिविर की सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया था।

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