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मध्यप्रदेश विधानसभा में हंगामा, कार्यवाही स्थगित

भोपाल : मध्यप्रदेश के कथित पोषण आहार घोटाले के मामले में आज विधानसभा में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने जबर्दस्त हंगामा करते हुए अध्यक्ष के आसन के समक्ष धरना देकर राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रश्नकाल के फौरन बाद कार्यवाही शुरु होने पर अध्यक्ष गिरीश गौतम ने वक्तव्य के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का नाम पुकारा। जिस पर नेता प्रतिपक्ष डॉ गोविंद सिंह ने तत्काल ही आपत्ति जताई। डॉ सिंह ने कहा कि जिस विषय पर विपक्ष के एक दर्जन सदस्यों ने स्थगन प्रस्ताव की सूचना दी है, उस पर चर्चा कराए बगैर मुख्यमंत्री वक्तव्य नहीं दे सकते हैं।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने अध्यक्ष से कहा कि पोषण आहार मामले में भ्रम फैलाए जा रहे हैं। सदन के माध्यम से जनता के सामने स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए।
वहीं संसदीय कार्य मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा और लाेक निर्माण विभाग मंत्री गोपाल भार्गव ने कहा कि मुख्यमंत्री या मंत्री सदन में किसी भी विषय पर वक्तव्य दे सकते हैं, लेकिन नेता प्रतिपक्ष डॉ सिंह और अन्य विपक्षी सदस्यों ने फिर वक्तव्य देने का विरोध करते हुए कहा कि जिस विषय पर स्थगन प्रस्ताव आया है, उस विषय पर वक्तव्य का राज्य विधानसभा मेंं एक भी उदाहरण नहीं है।
इस मुद्दे को लेकर विपक्षी कांग्रेस के सदस्यों ने जमकर हंगामा किया और सत्तारूढ़ दल भाजपा और कांग्रेस के सदस्यों के बीच आरोप प्रत्यारोप का दौर भी चला। इसके चलते श्री चौहान शुरुआत में अपना वक्तव्य ही नहीं दे पाए। वहीं कांग्रेस के विधायक अध्यक्ष के आसन के समक्ष जमीन पर बैठ गए और वहीं से मुख्यमंत्री को लक्ष्य करके कथित पोषण आहार घोटाले के संबंध में नारेबाजी करते रहे। दूसरी ओर श्री चौहान ने नारेबाजी के बीच ही अपना वक्तव्य पढ़ने की औपचारिकता पूरी की।
वक्तव्य के बाद अध्यक्ष श्री गौतम ने कार्यसूची में शामिल सभी कार्यों के नारेबाजी के बीच ही पूरी करने की औपचारिता पूर्ण की, जिसमें वित्त वर्ष 2022-23 का प्रथम अनुपूरक अनुमान (अनुपूरक बजट) पेश करने का कार्य भी शामिल है। चार विधेयक भी संबंधित विभागों के मंत्रियों ने पेश किए। इसके बाद अध्यक्ष श्री गाैतम ने लगभग डेढ़ बजे सदन की कार्यवाही गुरुवार सबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
इसके पहले कांग्रेस के एक विधायक के कथित अपमान को लेकर भी प्रश्नकाल में हंगामा हुआ और कार्यवाही दो बार स्थगित हुई।

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