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“सम्भव” पोर्टल है तो संभावनाएं हैं और संभावनाएं हैं तो उम्मीदें हैं

  • सम्भव है तो संभावनाएं हैं और संभावनाएं हैं तो उम्मीदें हैं।
  • सम्भव पोर्टल उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री श्री ए के शर्मा जी के दूरगामी सोच का नतीजा है।
  • ए.के. शर्मा जी ने गुजरात में मुख्यमंत्री कार्यालय में नौकरी करने के दौरान स्वागत नाम का एक पोर्टल बनवाया था जिसे 2010 में यूनाइटेड नेशंस से पुरस्कृत भी किया गया था।

सम्भव पोर्टल की शुरुआत 1 जून 2022 को ए के शर्मा जी ने नगर विकास निदेशालय से की थी। सम्भव पोर्टल पर भारत सरकार के पीजी पोर्टल, उत्तर प्रदेश सरकार के आईजीआरएस, मंत्री जी के स्वयं के तेज पोर्टल, मंत्री जी द्वारा जनसुनवाई, डाक एवं फोन से, ईमेल एवं सोशल मीडिया से, 1533 से प्राप्त शिकायतें ली जाती हैं। सम्भव की शुरुआत मंत्री ए.के. शर्मा जी ने इस ध्येय से कराया कि आमजन को दूर दराज से प्रदेश मुख्यालय पर आकर आर्थिक, शारीरिक एवं मानसिक रूप से बेवजह परेशान ना होना पड़े।

सम्भव पोर्टल पर ए.के. शर्मा खुद महीने के प्रथम बुधवार को जनसुनवाई में सम्मिलित होते हैं एवं 20 जनसमस्याओं का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए निराकरण कराते हैं। इस दरम्यान ऐसा पहली बार होता है जब शिकायतकर्ता एवं सम्बन्धित अधिकारी एक साथ ऑनलाइन एक दूसरे के आमने – सामने बैठे रहते हैं। राज्य के सभी नगर पंचायत/पालिकाओं के अधिशासी अधिकारी प्रत्येक सोमवार को सुबह 10 बजे से 2 बजे तक जनसुनवाई करते हैं। उत्तर प्रदेश 17 नगर निगमों में प्रत्येक मंगलवार को नगर आयुक्त सुबह 10 बजे से 2 बजे तक जनसुनवाई करते हैं। सम्भव पोर्टल के जरिए ऐसी समस्याओं का निस्तारण हुआ है जो कई दशकों से लम्बित पड़े हुए थे।

ए.के. शर्मा जी का यह नवाचार राज्य की जनता के लिए बेहद ही उपयोगी साबित हो रहा है, सम्भव पोर्टल से लाभान्वित लोग इसका गुणगान करते हुए नहीं थक रहे और सूबे के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री श्री ए के शर्मा जी का आभार व्यक्त करते हुए देखे जा रहे हैं। यह उम्मीदों का पोर्टल है, हाँ यह सम्भव पोर्टल है।

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