उदयपुर : विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर जिला प्रशासन, जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग, माणिक्य लाल वर्मा आदिम जाति शोध संस्थान एवं पर्यटन विभाग के तत्वावधान में जिले के सुदूर आदिवासी अंचल कोटड़ा ब्लॉक में ‘आदि महोत्सव 2022 कोटड़ा’ का आगाज आज धूमधाम से हुआ। संभागीय आयुक्त राजेंद्र भट्ट एवं जिला कलेक्टर ताराचंद मीणा ने विधिवत रूप से दीप प्रज्वलित कर इस रंगारंग महोत्सव का आगाज किया।
र्यटन के क्षेत्र में विश्व पटल पर अपनी विशिष्ट पहचान रखने वाले उदयपुर में आयोजित यह आदि महोत्सव भारत की विविधता में एकता की विशेषता का साक्षी बना। इस महोत्सव में मेवाड़ की लोक संस्कृति के साथ भारत के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोक कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से सभी को मंत्रमुग्ध किया। भारत के विभिन्न प्रांतों से आए लोक कलाकारों ने अपने पारंपरिक लोक वाद्य यंत्रों एवं अपने प्रदेश की पौराणिक कथाओं व संस्कृति पर आधारित कार्यक्रमों की प्रस्तुति से माहौल को रंगीन बना दिया।
समारोह में जिला पुलिस अधीक्षक विकास शर्मा सांसद अर्जुन लाल मीणा. झाड़ोल विधायक बाबूलाल खराड़ी, देहात जिला कांग्रेस के अध्यक्ष लालसिंह झाला, लक्ष्मीनारायण पंड्या, सुनील भजात, रामलाल गाडरी सहित विभिन्न स्थानीय जनप्रतिनिधि विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं देश विदेश से आए पर्यटक मेहमान और बड़ी संख्या में आमजन मौजूद रहे।
महोत्सव में देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए कलाकारों ने अपने क्षेत्र की उत्सवी परम्पराओं और संस्कृति को समेटे नृत्यों की प्रस्तुतियां देकर उपस्थित दर्शकों को देश के गौरवशाली इतिहास का परिचय कराया।
इस दौरान पश्चिम बंगाल के नटुआ नृत्य, ओडिशा के सिंगारी नृत्य, गुजरात के राठवा नृत्य, महाराष्ट्र के सोंगी मुखौवटे नृत्य तथा मध्यप्रदेश के गुटुम्ब बाजा नृत्य की प्रस्तुतियांें को दर्शक एकटक निहारते रह गए और भारतवर्ष की विभिन्न परम्परागत नृत्यशैलियों को देख स्वयं को गौरवान्वित महसूस किया। इस दौरान राजस्थान के पारंपरिक गैर नृत्य, घूमर नृत्य, स्वांग व भवई सहित आदिवासी एवं जनजाति क्षेत्रों के पारंपरिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां भी दी गई।
