नयी दिल्ली : केंद्र सरकार ने तीन बड़े रेलवे स्टेशनों- नयी दिल्ली,अहमदाबाद तथा मुंबई छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनल (सीएसएमटी) को नए तरीके से विकसित करने को लेकर रेल मंत्रालय के प्रस्ताव को बुधवार को मंजूरी दे दी। यह काम पूरा होने पर ये स्टेशन इन शहरों की एक नयी पहचान बनेंगे और ये यात्रियों के लिए वैश्विक स्तर की सुविधाओं के साथ साथ शहर के साथ एकीकृत जगमगाते बाजार का भी अनुभव प्रदान करेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने इसके लिए रेल मंत्रालय के प्रस्ताव को बुधवार को मंजूरी दी। सरकार ने कहा है कि इस काम पर 10 हजार करोड़ रुपये का निवेश होगा। रेलमंत्रालय के अनुसार इन स्टेशनों के पुनर्विकास के तहत इनमें रेलवे लाइन के दोनों ओर शहर के दोनों किनारों को स्टेशन भवन के साथ जोड़ा जाएगा। स्टेशनों पर एक ही स्थान पर सभी यात्री सुविधाओं के साथ खुदरा, कैफेटेरिया, मनोरंजन सुविधाओं के लिए छत पर एक विशाल ‘रूफ प्लाजा ’ होगा।
इन स्टेशनों पर फूड कोर्ट, वेटिंग लाउंज, बच्चों के खेलने की जगह, स्थानीय उत्पादों के लिए जगह आदि सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी और सिटी सेंटर जैसी जगह होगी। सरकार के अनुसार इन स्टेशनों को आरामदेह बनाने के लिए, पर्याप्त रोशनी, वे फाइंडिंग/संकेत, ध्वनिकी, लिफ्ट/एस्कलेटर/ट्रेवलेटर्स होंगे। इन स्टेशनों पर पर्याप्त पार्किंग सुविधाओं के साथ यातायात के सहज संचालन के लिए मास्टर प्लान तैयार किया गया है। इनको मेट्रो, बस आदि साधनों के साथ एकीकृत रूप से जोड़ा जाएगा।
इन पर सौर ऊर्जा, जल संरक्षण/रिसाइकिलिंग और बेहतर ट्री कवर के साथ ग्रीन बिल्डिंग तकनीक का उपयोग किया जाएगा साथ ही दिव्यांगजनों के अनुकूल सुविधाएं उपलब्ध करायी जाएंगी। इन स्टेशनों को इंटेलिजेंट बिल्डिंग की अवधारणा पर विकसित किया जाएगा और माड्यूलर निर्माण प्रौद्योगिकी का पहली बार प्रयोग किया जाएगा। वहां आगमन और प्रस्थान के लिए अलग-अलग रास्ते होंगे। प्लेटफॉर्म अव्यवस्था मुक्त तथा समतल होंगे और पूरी तरह से ढके हुए प्लेटफॉर्मों का निर्माण किया जाएगा। वहां सुरक्षा व्यवस्था के लिए सीसीटीवी और प्रवेश पर जांच की व्यवस्था होगी ।
नयी दिल्ली, अहमदाबाद व मुंबई सीएसएमटी रेलवे स्टेशन की व्यवस्था होगी जगमग
