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25,000 टावर लगाने के लिए 26,000 करोड़ स्वीकृत

नयी दिल्ली : केन्द्र सरकार ने दूरदराज के क्षेत्रों में कनेक्टिविटी काे बेहतर बनाने के उद्देश्य से अगले 500 दिनों में देश में 25 हजार टावर लगाने के लिए 26 हजार करोड़ रुपये स्वीकृत की है। राजधानी में चल रही चार दिवसीय इंडिया मोबाइल कांग्रेस में ही राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशाें के इससे जुड़े मंत्रियों का तीन दिवसीय डिजिटल इंडिया सम्मेलन भी शुरू हुआ था। इसका समापन कल देर शाम हुआ।

संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की अध्यक्षता में यह बैठक शुरू हुयी थी। श्री वैष्णव ने कल इसके समापन के अवसर पर कहा कि डिजिटल इंडिया और देश के हर कोने तक इसकी पहुंच के लिए सम्पर्क महत्वपूर्ण है। उन्होंने घोषणा की कि आगामी 500 दिनों में नए 25,000 टावर लगाने के लिए 26,000 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

उन्होंने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पीएम गति शक्ति में तेजी से शामिल होने के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि 2000 करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय के लिए राज्यों को विशेष सहायता का समर्थन किया गया है। उन्होंने राज्यों को पहले से ही सक्रिय रहने और अपने राज्यों में व्यवसायों को आकर्षित करने के लिए व्यापार अनुकूल नीतियां बनाने के लिए प्रोत्साहित किया। सबका साथ और सबका विकास के आदर्श पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों, चाहे वे बड़े हों अथवा छोटे, की प्रतिबद्धताएं ही डिजिटल इंडिया को उच्च स्तर पर ले जाने तथा आत्मनिर्भर भारत और ट्रिलियन डॉलर वाली डिजिटल अर्थव्यवस्था को साकार करने के लिए महत्वपूर्ण हैं।
इस बैठक में राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के साथ डिजिटल इंडिया पहल के प्रमुख प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर चर्चा हुई। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी और कौशल विकास तथा उद्यमिता राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर और संचार राज्य मंत्री देवुसिंह चौहान के साथ 12 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों आंध्र प्रदेश, असम, बिहार, मध्य प्रदेश, गुजरात, गोवा, मणिपुर, उत्तराखंड, तेलंगाना, मिजोरम, सिक्किम और पुड्डुचेरी के आईटी मंत्री इसमें शामिल हुए।
बैठक में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्रालय ने सूचना प्रौद्योगिकी नियम,ऑनलाइन गेमिंग और डेटा गवर्नेंस, डिजिटल इंडिया भाषिणी तथा डिजिटल भुगतान’ और माईस्कीम और मेरी पहचानजैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर तीन सत्रों का आयोजन किया। माईस्कीम पर पात्रता/प्रोफाइल आधारित सेवा खोज पर एक डेमो की प्रस्तुति दी गई। सम्मेलन के तीसरे दिन इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्रालय ने टियर 2 शहरों में स्टार्टअप्स को आकर्षित करना और उन्हें बनाए रखना, लोक सेवाओं में उभरती हुई तकनीक का उपयोग, ‘भारत को प्रतिभाओं का देश बनाने’, ‘राज्यों में डिजिटल सुशासन का निर्माण’ तथा ‘मेक-इन-इंडिया फॉर द ग्लोब-इंडिया एज़ सेमीकंडक्टर नेशन’ शीर्षक से पांच पैनल चर्चाएं आयोजित कीं।

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