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ट्रांसपोर्टर से रिश्वत मांगने वाला राज्य कर अधिकारी नौकरी से बर्खास्त

देहरादून : उत्तराखंड सरकार ने सोमवार को भ्रष्टाचार पर अब तक का सबसे बड़ा प्रहार कर दिया। सरकार ने राज्य लोक सेवा आयोग से सम्यक परामर्श के पश्चात, एक ट्रांसपोर्टर से रिश्वत मांगने वाले और निलम्बित चल रहे राज्य कर अधिकारी अनिल कुमार को आज पूरी तरह सरकारी सेवा से बाहर का रास्ता दिखा दिया। इस संदर्भ में आदेश निर्गत होने के बाद भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारी और कर्मचारियों में वर्तमान सरकार के कामकाज का एक अलग नजरिया दिखाने का प्रयास किया गया है।
सरकारी सेवा से हटाए गए और पिछले लगभग दो साल से आज तक निलम्बित रहे राज्य कर अधिकारी अनिल कुमार पर यह कार्रवाई सीएम पोर्टल पर शिकायत मिलने के बाद हुई है। राज्य कर अधिकारी, सचल दल इकाई आशारोड़ी, देहरादून के पद पर कार्यरत अनिल कुमार के खिलाफ 15 फरवरी 2020 को वाहन संख्या एचआर-39सी-7088 से हिसार (हरियाणा) से देहरादून के लिए परिवहित किए जा रहे माल के संबंध में रिश्वत (उत्कोच) मांगे जाने तथा ग्रहण करने संबंधी सी०एम०पोर्टल पर अनिल माटा निवासी हिसार, हरियाणा द्वारा कमांक 54740 दिनांक 16.02.2020 को एक शिकायत दर्ज करायी गयी। जिसमें संबंधित अधिकारी द्वारा रिश्वत मांगने और फिर ग्रहण करने की शिकायत के साथ साक्ष्य प्रस्तुति किए गए।

इसके बाद अनिल कुमार को राज्य कर मुख्यालय के आदेश संख्या 7642 द्वारा निलंबित करते हुए, कार्यालय संयुक्त आयुक्त (कार्य0) राज्य कर, हल्द्वानी संभाग, हल्द्वानी से संबद्ध किया गया। इसके पश्चात मुख्यालय के पत्र संख्या 2240 के द्वारा श्री अनिल को आरोप पत्र निर्गत किया गया। साथ ही, मुख्यालय के कार्यालय ज्ञाप संख्या 3638 के द्वारा अजय कुमार संयुक्त आयुक्त, राज्य कर, हरिद्वार संभाग, हरिद्वार को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया।
जांच अधिकारी द्वारा पत्र संख्या 2228 के माध्यम से जांच आख्या मुख्यालय उपलब्ध कराई गयी। जिसमें अपचारी अधिकारी अनिल कुमार के विरूद्ध आरोप पत्र के माध्यम से लगाए गये दोनों आरोपों की पुष्टि होती है एवं दोष सिद्ध हुआ। इसके बाद अपचारी अधिकारी को उत्तराखण्ड राज्य कर्मचारियों की आचरण नियमावली, 2002 के नियम-3 (1) व नियम-3(2) के उल्लंधन का स्पष्ट दोषी पाया गया। इसके पश्चात भ्रष्ट अधिकारी के स्पष्टीकरणों को असत्य एवं खण्डन योग्य मानते हुए अस्वीकार किया गया।
तत्पश्चात अनिल कुमार के विरूद्ध उत्तरांचल सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 2003 यथासंशोधित 2010 के नियम 3 में उल्लिखित दीर्घ शास्तियों में उत्तरांचल सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 2003 यथासंशोधित 2010 के नियम 3 के उपनियम (ख) के खण्ड (तीन) में विहित दण्ड ‘सेवा से हटाना जो भविष्य में नियोजन से निरर्हित नहीं करता है’ को आरोपित किया जाना मुख्यालय के पत्र संख्या – 7781 दिनांक 28.03.2022 द्वारा प्रस्तावित किया गया है। इस संस्तुति के बाद, अनिल कुमार को आज सेवा से हटा दिया गया।

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